भोपाल

नाराज थी बीवी, होने वाला था तलाक, टॉयलेट और पर्पल स्कूटर ने फिर से जोड़ा पति-पत्नी का रिश्ता

एमपी के मंदसौर में शनिवार को न्यायालय परिसर में नेशनल लोग अदालत का आयोजन में 60 से ज्यादा मामले पारिवारिक विवाद के थे। जिनको आपसी सहमति के बाद सुलझा दिया गया है। वहीं इसमें एक परिवार में पती-पत्नी का विवाद टॉयलेट को लेकर था, तो एक का पर्पल कलर की स्कूटी को लेकर। आइए जानें पूरा मामला-

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एमपी में टॉयलेट और पर्पल स्कूटी ने फिर से जोड़ा पति-पत्नी का रिश्ता

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Mandsaur News: एमपी के मंदसौर में शनिवार को न्यायालय परिसर में नेशनल लोग अदालत का आयोजन किया गया। मामला यह है कि घर में टॉयलेट ना होने की वजह से पति-पत्नी अलग हुए थे। पत्नी अपने पति को छोड़कर मायके चली गई थी। जानकारी के अनुसार नसरीन का निकाह जुबैद अहमद (परिवर्तित नाम) के साथ दिनांक 26. 4. 2019 को दावतखेड़ी में 51 हजार 786 रुपए मैहर के साथ तय हुआ था। लेकिन, कुछ समय बाद नसरीन ने अपने पति और उसके परिजनों पर आरोप लगाया कि वह उसे मारपीट कर प्रताड़ित करते हैं। इसके साथ ही 1 लाख रुपये दहेज डिमांड करते हैं। उसकी ससुराल में देखभाल नहीं होती है।

परिवार में इतने लोग मगर एक भी टॉयलेट नहीं

इतना ही नहीं नसरीन का आरोप है कि डिलीवरी के बाद सही देखभाल नहीं होने की वजह से उसके बेटे की मौत हो गई। पति की मां, ससुर, पांच ननद के द्वारा सामूहिक मारपीट कर प्रताड़ना की जाती है। इस क्रूरता के कारण उसने दिनांक 14 मई 2023 को घर छोड़ दिया। अनावेदक एवं उसके परिजनों ने कहा कि 1 लाख लिए बिना मत आना। इस पर नसरीन ने अपने परिजनों के विरुद्ध मुकदमा दर्द कराया। जिसमें उसने अपने भरण-पोषण की मांग की।

टॉयलेट न होने पर मायके लौटी पत्नी

परिवार न्यायालय में मामला पहुंचने पर जब परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश गंगा चरण दुबे ने पक्षकारों के बीच समझौता कराना चाहा तो मामले की जानकारी मिली। पता चला की विवाद तो किसी और वजह से था। जुबैद की पांच बहने, पत्नी, माता-पिता सब परिवार में साथ रहते हैं।

2 माह में टॉयलेट बनाने का आश्वासन

लेकिन, उनके घर में शौचालय नहीं है, जिससे घर की महिलाओं को शौच के लिए लगभग 1 Km दूरी तक जाना होता है। समस्या का पता होते ही न्यायालय द्वारा परामर्श दिए जाने पर जुबैद के पिता शौचालय बनाने को तैयार हो गए, और दो माह के भीतर उन्होंने शौचालय बनाने के लिए न्यायालय को लिखित में आश्वासन दिया। इस पर सालों से रूठी नसरीन- जुबैद के साथ जाने को राजी हो गई। और इस तरह घर में टॉयलेट बनने की बात पर सहमति होने के बाद नसरीन एक बार फिर से जुबैद की हो गई।

पर्पल स्कटी मिलने पर घर लौटी पत्नी

मंदसोर की इसी लोग अदालत में इसी तरह एक अन्य पारिवारिक मामले में पति-पत्नी अलग रह रहे थे। पत्नी को पर्पल कलर की स्कूटी पसंद थी। पत्नी ने कहा कि मुझे पर्पल कलर की स्कूटी मेरे नाम पर चाहिए। लोग अदालत के दौरान जज ने तुरंत पर्पल कलर की स्कूटी पत्नी के नाम करवा दी, फिर क्या था पति-पत्नी एक साथ पर्पल कलर की स्कूटी पर सवार होकर अपने घर की ओर चल दिए। शनिवार को मंदसौर में लगी नेशनल लोक अदालत में 60 से ज्यादा मामले पारिवारिक विवाद के थे। जिनको आपसी सहमति के बाद सुलझा दिया गया है।

Maahi Yashodhar
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माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

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