Madhya Pradesh News: मध्यप्रदेश के उज्जैन में महाकाल दर्शन करने पहुंचे पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ ने महाकाल को अर्जी लगते हुए कहा कि प्रदेश की भ्रष्ट सरकार की जननी पार्टी से मुक्त कराएं, महाकाल के आशीर्वाद से 50% कमीशन का अंत हो। उन्होंने महाकाल के चरणों में अर्जी रखी और महाकाल से प्रार्थना की है कि मध्यप्रदेश को पटरी पर लाएं। उन्होंने दावा किया कि आज घोटाले का खुलासा हो रहा है। लोग भ्रष्टाचार के शिकार हो रहे हैं, अब सहन नहीं कर सकते हैं। भ्रष्टाचार के एक व्यवस्था बनाई हुई है, भ्रष्टाचार मामले में महाकाल को भी नहीं छोड़ा है। उन्होंने कहा कि हर चीज में भ्रष्टाचार है, ये सरकार 50 प्रतिशत कमीशन की सरकार है।
कमलनाथ ने उज्जैन के महाकाल मंदिर में पूजा की
उज्जैन के महाकाल पहुंचे कमलनाथ ने महाकाल के मंदिर में पूजा किया। उनके साथ तराना विधायक महेश परमार, रामलाल मालवीय, दिलीप गुर्जर, मुरली मोरवाल और शहर अध्यक्ष रवि भदौरिया, कमल पटेल मौजूद रहे। हैलीपेड पर विवेक यादव ने उनका स्वागत किया। वहीं चेतन यादव ने मंदिर से पहले सैकड़ों समर्थकों के साथ कमलनाथ की अगवानी की। मंदिर में कमलनाथ ने नदी हाल में भगवान शिव का ध्यान किया और पूजा अर्चना करने के बाद सभामंडपम में महाकाल सवारी की पूजा की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से चर्चा कर निर्वाणी अखाड़े के महंत विनीत गुरु से मुलाकात की।
'पहली कैबिनेट की बैठक महाकाल लोक में होगी'
कमलनाथ ने ऐलान किया कि जैसे ही कांग्रेस की सरकार बनेगी पहली कैबिनेट की बैठक महाकाल लोक में होगी। महाकाल से आशीर्वाद लेकर सरकार आगे के कार्य करेगी। सबसे बड़ी चुनौती युवाओं की है, जो मध्यप्रदेश के भविष्य का निर्माण करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि आज भटकता नौजवान, पीड़ित किसान, दुखी छोटा व्यापारी के हालात काफी दयनीय हैं। सीएम पर आरोप लगाते हुए कमलनाथ ने बोला कि शिवराज गुमराह कर रहे हैं। उन्हें 18 साल बाद बहने याद आ रही हैं, समुदाय याद आ रहा है, किसान याद आ रहे हैं। चुनाव आ रहा है तो घोषणाएं कर रहे हैं। बीते 5 से 7 माह में इन्होंने बड़े-बड़े ठेके दिए ताकि कमीशन मिल सके। शिवराज की घोषणा की झूठ की मशीन डबल स्पीड पर चल रही है।
रणदीप सुरजेवाला के बयान पर क्या बोले कमलनाथ?
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने बयान दिया था कि जो भाजपा के समर्थक हैं वह राक्षस प्रवृति के हैं। इस पर शिवराज ने कहा था कि देश की जनता को कांग्रेस नेता राक्षस कह रहे हैं। इसके जवाब में कमलनाथ ने कहा कि किसी ने कोई राक्षस नहीं कहा है। यह एक सेंटेंस लेकर कह दें कि मैंने यह कह दिया या वह कह दिया। यह सिर्फ बातें हैं, इनका कोई फायदा नहीं है। धर्म पर सवाल उठाने को लेकर कमलनाथ ने कहा कि 15 साल पहले मैंने हनुमान मंदिर बनवाया था। मेरे दर्शन करने से उनके पेट में दर्द क्यों हो रहा है? मैं मंदिर जाऊं, पूजा करूं उन्हें इससे क्या परेशानी है। उन्होंने धर्म पर कॉपीराइट है क्या? कमलनाथ ने आगे कहा कि मेरे राजनीति जीवन मे कोई उंगली नहीं उठा सकता।
