Indore Metro: मध्य प्रदेश के इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना के वाणिज्यिक परिचालन अपने अंतिम दौर में है। अब इंतजार है तो मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) द्वारा हरी झंडी दिखाने का। कहा जा रहा है कि यदि सब कुछ ठीक रहा, तो शहर में इस महीने या अगले महीने से मेट्रो रेल दौड़ना शुरू हो जाएगी। मेट्रो रेल के संचालन से लोगों को यात्रा करने में आसानी होगी और सड़क मार्गों पर लगने वाले जाम से भी लोग बच पाएंगे। निवासी सुविधाजनक तरीके से यात्रा कर पाएंगे।
अगले महीने से शुरू हो सकता है मेट्रो का संचालन
मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएमआरसीएल) के एक अधिकारी ने बताया कि एमपीएमआरसीएल द्वारा CMRS को जरूरी दस्तावेज जमा किए जाने का काम अंतिम दौर में है और इसके बाद CMRS का दल मेट्रो रेल के डिपो और स्टेशनों के निरीक्षण की तारीख तय करके सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेगा। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के बाद CMRS की हरी झंडी मिलने की स्थिति में शहर में मेट्रो रेल का वाणिज्यिक परिचालन इस महीने या फरवरी से शुरू हो सकता है।
अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में शहर के गांधी नगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर के स्टेशन क्रमांक-तीन के बीच 5.90 किलोमीटर के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले गलियारे पर मेट्रो रेल चलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस गलियारे पर मेट्रो रेल प्रायोगिक परीक्षण (ट्रायल रन) सितंबर 2023 में किया गया था। बहरहाल, जानकारों का कहना है कि इस मार्ग पर छितराई आबादी के कारण मेट्रो रेल को शुरुआत में यात्रियों की कमी का सामना करना पड़ सकता है।
मेट्रो रेल मार्ग की लंबाई बढ़ने के बाद नहीं होगी यात्रियों की कमी
एमपीएमआरसीएल अधिकारी ने कहा कि शहर में एक बार मेट्रो रेल शुरू हो जाने और इसके मार्ग की लम्बाई बढ़ने के बाद यात्रियों की कोई कमी नहीं होगी। अधिकारी ने बताया कि शहर में मेट्रो रेल के स्टेशनों को इस तरह डिजाइन किया गया हैं कि इनके जरिये छह डिब्बों की रेल चलाई जा सकती है। उन्होंने बताया, "शुरुआत में हम तीन डिब्बों की रेल चलाएंगे। यात्रियों की तादाद बढ़ने पर इसमें तीन और डिब्बे जोड़े जा सकते हैं।" अधिकारी ने बताया कि मेट्रो रेल के एक डिब्बे में करीब 300 यात्री सफर कर सकते हैं जिनमें सीट पर बैठने वाले 50 लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इंदौर में 7,500.80 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण की नींव 14 सितंबर 2019 को रखी गई थी। इसके तहत शहर में गोल आकार वाला करीब 31.50 किलोमीटर लम्बा मेट्रो रेल गलियारा बनाया जाता है।
(इनपुट - भाषा)
