MP Politics : मध्यप्रदेश में राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं में संगठन के प्रति काफी असंतोष होने का दावा किया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस की कमलनाथ सरकार को गिराने के चक्कर में भाजपा खुद का ही ‘‘कांग्रेसीकरण’’ कर बैठी है। तन्खा ने बताया है कि भाजपा के साथ समस्या ये है कि उसने उन नेताओं को राज्य मंत्रिमंडल के 50 प्रतिशत पद दे दिए हैं जो कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे। बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में कांग्रेस के 22 बागी विधायकों ने त्यागपत्र देकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। जिसके बाद 20 मार्च 2020 को तत्कालीन कमलनाथ सरकार गिर गई थी। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में भाजपा ने 23 मार्च 2020 को सत्ता में वापसी की थी।
अपने लोगों को नहीं दिया स्थान
राज्यसभा सांसद ने कहा है कि भाजपा ने कांग्रेस से आए हुए ज्यादा से ज्यादा नेताओं को पद दे दिए हैं और इस चक्कर में उन्होंने अपनी ही पार्टी के लोगों को पर्याप्त स्थान नहीं दिया है। तन्खा ने कहा कि कांग्रेस से भाजपा में आने के बाद उपचुनाव में हारे हुए नेताओं को भी निगम-मंडलों का अध्यक्ष बना दिया गया है। वहीं, तन्खा ने भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष होने का दावा किया। कहा कि जो लोग बरसों से पार्टी के वफादार बनकर सेवा कर रहे थे उन्हें ही अब बेवफा माना जा रहा है। आज कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वालों को वफादार माना जा रहा है चाहे वे पैसा लेकर ही क्यों न आए हों।
बजरंग दल और मणिपुर हिंसा पर बोले
विवेक तन्खा ने बजरंग दल को बैन करने के मुद्दे पर कहा कि यदि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार दोबारा बनती है तो इस पर विचार किया जाएगा। फिलहाल सूबे में ये कोई मुद्दा नहीं है और न ही इसके बारे में कोई चर्चा कर रहा है। वहीं, मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मणिपुर राज्य में बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समुदायों के बीच जो भी विवाद चल रहा है उसे जल्द से जल्द चर्चा कर सुलझाना चाहिए। इस पर वे ये भी बोले कि किसी भी वर्ग को अपना निजी एजेंडा इस तरह से आगे नहीं बढ़ाना चाहिए।
(भाषा इनपुट के साथ)
