भोपाल

Politics on Ram Mandir: अयोध्‍या जाने पर बोले दिग्विजय सिंह, 'मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद करूंगा दर्शन'

  • Agency by: IANS
  • Updated Jan 18, 2024, 05:15 PM IST

Politics on Ram Mandir: दिग्विजय सिंह ने कहा, राम मंदिर और बाबरी मस्जिद की जगह को लेकर सालों तक विवाद चलता रहा, यह 150 साल पुराना विवाद है। उन्होंने कहा, “विवाद का मूल यह था कि मंदिर वहीं बनाया जाना चाहिए जहां भगवान राम का जन्म हुआ था।'

Image

दिग्विजय सिंह।

Politics on Ram Mandir: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या में मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद वह भगवान राम के दर्शन के लिए वहां जाएंगे। अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए उनकी पार्टी द्वारा निमंत्रण को अस्वीकार करने के कुछ दिनों बाद उन्होंने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में ऐसा कहा। कांग्रेस ने भाजपा-आरएसएस पर चुनावी लाभ के लिए इसे "राजनीतिक परियोजना" बनाने का आरोप लगाया है।

राज्यसभा सदस्य ने सिंह कहा, "हमें भगवान राम में आस्था है...हमें भगवान राम के दर्शन की कोई जल्दी नहीं है। एक बार (अयोध्या मंदिर का) निर्माण पूरा हो जाए तो फिर हम वहां जाएंगे।" उन्होंने कहा, “सबसे पहले, हमें भगवान राम के दर्शन के लिए निमंत्रण की आवश्यकता नहीं है। दूसरा, हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, किसी निर्माणाधीन मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह नहीं हो सकता।’’

उन्होंने आरोप लगाया, "तीसरा, भाजपा, विश्व हिंदू परिषद, आरएसएस और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे एक इवेंट में बदल दिया है...किसी भी राजनीतिक दल का नाम बताइए जो इसमें भाग ले रहा है? कोई नहीं जा रहा है। कोई शंकराचार्य वहां नहीं जा रहे हैं...कोई संत नहीं जा रहा है। उन्होंने निर्मोही अखाड़े के अधिकार छीन लिए हैं।’’

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि राम मंदिर और बाबरी मस्जिद की जगह को लेकर सालों तक विवाद चलता रहा, यह 150 साल पुराना विवाद है। उन्होंने कहा, “विवाद का मूल यह था कि मंदिर वहीं बनाया जाना चाहिए जहां भगवान राम का जन्म हुआ था और जहां मस्जिद थी। जब उच्चतम न्यायालय ने फैसला दे दिया है कि विवादित जमीन पर मंदिर बनाया जा सकता है तो वहां क्यों नहीं बनाया गया।’’ सिंह ने कहा कि यह मंदिर उस भूमि पर बनाया गया है जिसे पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव ने अधिग्रहित किया था और राम मंदिर निर्माण के लिए आवंटित किया था।

End of Article