MP Cough Syrup Deaths: प्रदेश में बच्चों की मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। छिंदवाड़ा में संदिग्ध कफ सिरप पीने से तीन और बच्चों की मौत की पुष्टि के बाद अब कुल मृतक बच्चों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। परासिया SDM शुभम यादव ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है।
कफ सिरप से फेल हुई बच्चों की किडनी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन बच्चों को सर्दी-खांसी और बुखार की शिकायत पर कोल्ड्रिफ और नेक्सट्रॉस डीएस कफ सिरप दिया गया था, उनकी किडनी धीरे-धीरे फेल हो गई। जांच में सामने आया है कि दवा में मौजूद केमिकल डायएथिलीन ग्लायकॉल की गड़बड़ी ने इन बच्चों की जान ले ली। छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि मौतों का कारण संक्रमण या वायरस नहीं बल्कि दवा है।
जिले में बिक्री पर तत्काल रोक
प्रशासन ने एहतियातन जिले में कोल्ड्रिफ और नेक्सट्रॉस डीएस कफ सिरप की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी मेडिकल स्टोर्स को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि इन सिरप्स को तुरंत स्टॉक से हटा दें।
जांच में नहीं मिला कोई संक्रमण
जांच के लिए बच्चों के ब्लड और पानी के सैंपल पुणे वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट भेजे गए थे, जहां रिपोर्ट में किसी वायरस या बैक्टीरिया का कोई प्रमाण नहीं मिला। ICMR दिल्ली और भोपाल की टीम ने भी मौके पर जांच की। बायोप्सी रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि बच्चों की किडनी पर सिरप का सीधा असर पड़ा था। अब तक 6 बच्चों में कफ सिरप के सेवन की हिस्ट्री मिली है।
