भोपाल

Bhopal's 90 Degree Railway Over Bridge: इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना 90 डिग्री वाला ब्रिज, अब होगा डिजाइन में सुधार

Bhopal's 90 Degree Railway Over Bridge: भोपाल के ऐशबाग स्टेडियम के पास बना रेलवे ओवरब्रिज लॉन्च से पहले ही विवादों में घिर गया। पुल के 90 डिग्री मोड़ को खतरनाक बताते हुए स्थानीय लोग इसका विरोध किया। सोशल मीडिया पर पुल के डिजाइन का मजाक उड़ाया जा रहा है। अब अधिकारियों ने पुल के डिजाइन को सुधारने का निर्णय लिया है।

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भोपाल में 90 डिग्री के रेलवे ओवरब्रिज का इिजाइन सुधारा जाएगा

Photo : ANI

Bhopal's 90 Degree Railway Over Bridge: भोपाल के ऐशबाग स्टेडियम के पास बना नया रेलवे ओवरब्रिज (RoB) अभी आधिकारिक रूप से शुरू भी नहीं हुआ था कि लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। इसकी सबसे बड़ी वजह थी इसके डिजाइन में की गई भारी चूक, जिसकी वजह से यह अब विवादों में घिर गया है।

90 डिग्री मोड़ बना खतरे की वजह

इस पुल का एक हिस्सा 90 डिग्री के एल-आकार का मोड़ लिए हुए है। कोई भी चालक अगर धीमी गति से भी इस मोड़ पर आए तो उसे गाड़ी मोड़ने में दिक्कत हो सकती है। और यदि कोई हल्की तेज या ज्यादा तेज गति से आए तो हादसे की पूरी-पूरी संभावना है।

प्रशासन ने लिया डिजाइन सुधारने का फैसला

NDTV की रिपोर्ट के अनुसार स्थानीय लोगों ने इस पुल के खतरनाक मोड़ को लेकर आवाज उठाई है। उनकी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने मोड़ को तीन फीट चौड़ा करने का निर्णय लिया है, जिससे वह ज्यादा गोलाकार बन सके और चालकों के लिए हादसे का खतरा कम हो।

स्थानीय लोगों का विरोध और सोशल मीडिया पर हंगामा

इस ओवरब्रिज की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए, जहां लोगों ने इसकी डिजाइन को 'बेहद हास्यास्पद' और 'खतरनाक' बताया। कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरोलिया ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह 'किसी वीडियो गेम जैसा लगता है, और बहुत ही खतरनाक है।'

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस पुल पर तीन तीखे मोड़ हैं जो बेहद खतरनाक हैं। यहां हादसे की आशंका 100 फीसद है। पुल तो ठीक है, लेकिन मोड़ बहुत खराब हैं। ब्रेकर और मोड़ दोनों ही बहुत जोखिमभरे हैं। यहां ज्यादा जगह होनी चाहिए थी।

तीन साल से ज्यादा चला निर्माण, बनी चिंता की वजह

बता दें कि इस रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य मार्च 2023 में शुरू हुआ था और इसे 18 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन बिजली लाइनों को हटाने और रेलवे व लोक निर्माण विभाग (PWD) के बीच समन्वय की कमी के कारण यह कार्य 36 महीनों से अधिक समय में भी पूरा नहीं हुआ है।

हालांकि, इस पुल को ऐशबाग क्षेत्र में ट्रैफिक को कम करने और यात्रा समय घटाने के उद्देश्य से बनाया गया था, लेकिन डिजाइन और देरी के कारण यह अब सार्वजनिक चिंता का विषय बन गया है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंह author

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी... और देखें

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