Bhopal: लेक सिटी भोपाल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की अब तस्वीर बदलेगी। नए साल में प्रदेश की शिवराज सरकार राजधानी के लोगों को स्वास्थ्य की दृष्टि से ये एक नई सौगात देने जा रही है। बता दें कि, करीब 52 करोड़ की लागत से हमीदिया अस्पताल में करीब 27 हजार स्क्वायर मीटर में ओपीडी ब्लॉक का निर्माण होगा। बीती 13 जनवरी को सरकार की ओर से इस प्रपोजल को मंजूरी भी मिल गई है। अब इसकी निविदा के जरिए फर्म को ठेका दिया जाएगा।
साल 2025 तक इसका निर्माण पूरा होने के बाद शहर के लोगों को इसका फायदा मिलना शुरू हो जाएगा। अस्पताल मैनजमेंट के मुताबिक, ब्लॉक में जी प्लस सात फ्लोर होंगे। जिसमें पार्किंग व क्रिटिकल केयर यूनिट भी बनेंगे। बता दें कि, निर्माण के लिए 95 करोड़ की निविदाएं जारी की गई हैं। इसके अलावा इसमें ओपीडी व जीएमपी परिसर में 18 करोड़ से एक हॉस्टल बनाया जाएगा। वहीं करीब 39 करोड़ की लागत से ईदगाह हिल्स स्थित रेस्पिरेटरी सेंटर और ऑर्थाेपेडिक सेंटर के परिसर में दो हॉस्टल बनने तय हैं। इधर, डेढ़ करोड़ की लागत से टेनिस कोर्ट का निर्माण और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की मरम्मत भी शामिल है।
जानें ऐसे मिलेगा मरीजों को फायदा
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, ओपीडी ब्लॉक बनने के बाद मरीजों को अलग-अलग विभाग के लिए अलग से ओपीडी की सुविधा मिलने लगेगी। वहीं सभी विभागों में ही मरीजों की जांच के लिए सैंपल कलेक्शन का काउंटर बनेगा, जिससे पेशेंट को सैंपल देने के लिए सेंट्रल पैथोलॉजी लैब नहीं जाना पड़ेगा। वहीं दवाओं के लिए कतार में लगने की बाधा से भी मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा भूतल और ग्राउंड फ्लोर पर बाइक्स और कारों के लिए अलग-अलग पार्किंग होंगी। वहीं पांच फ्लोर पर अलग-अलग विभागों की ओपीडी बनेगी। इसके अलावा कई अन्य सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। प्रबंधन के मुताबिक, इसके निर्माण होने के बाद मरीजों व उनके परिजनों को कई तरह की असुविधाओं से निजात मिलेगी।
सबसे पहले टूटेगी पुरानी इमारत
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, हमीदिया की पुरानी इमारत की जगह अब नया ओपीडी ब्लॉक बनना है। फर्म से एग्रीमेंट होने के बाद पुरानी इमारत को सबसे पहले तोड़ने का काम शुरू होगा। इस तीन मंजिला इमारत को तोड़ने में करीब 3 माह लगेंगे। हालांकि इस इमारत के ज्यादातर विभागों के वार्ड अन्यत्र शिफ्ट किए जा चुके हैं। फिलहाल मेडिसन विभाग के वार्ड ही यहां संचालित हो रहे हैं।
