भोपाल

Bhopal: ये धुआं-धुआं क्यों है, मिलेगा इसका जवाब, राजधानी में अब हो सकते है हुक्का बार बंद, शिवराज सरकार का होगा ये एक्शन

  • Reported by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 11, 2022, 03:21 PM IST

Bhopal: आगामी 13 दिसबंर को सरकार कैबिनेट की बैठक में हुक्का बार बंद करने को लेकर सरकार के बिल लाने की संभावना है। अगर ऐसा हुआ तो अकेले भोपाल शहर में रेस्टरोंट व कैफे की आड़ में चल रहे 200 से अधिक हुक्का बार बंद जाएंगे। कैबिनेट की बैठक में बिल को मंजूरी मिलने के बाद इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय के जरिए राष्ट्रपति को भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा। कानून बनने के बाद अवैध तरीके से संचालित हो रहे हुक्का बार पर कार्रवाई शुरू हो जाएगी।

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भोपाल में अब हुक्का बार होंगे बंद, शिवराज सरकार का एक्शन प्लान (प्रतीकात्मक तस्वीर)

KEY HIGHLIGHTS
  • 13 दिसंबर को सरकार कैबिनेट की बैठक में रख सकती है बिल का मसौदा
  • कैबिनेट में पारित होने के बाद राष्ट्रपति को भेजा जाएगा
  • कानून लागू हुआ तो शहर में 200 से अधिक हुक्का बार हो जाएंगे बंद

Bhopal: राजधानी भोपल में युवकों व युवतियों सहित नाबालिगों के जीवन को धुएं की जद में लाने वालों के खिलाफ एमपी की शिवराज सिंह सरकार कड़े एक्शन के मूड में है। आगामी 13 दिसबंर को सरकार कैबिनेट की बैठक में हुक्का बार बंद करने को लेकर सरकार के बिल लाने की संभावना है। अगर ऐसा हुआ तो अकेले भोपाल शहर में रेस्टरोंट व कैफे की आड़ में चल रहे 200 से अधिक हुक्का बार बंद जाएंगे। कैबिनेट की बैठक में बिल को मंजूरी मिलने के बाद इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय के जरिए राष्ट्रपति को भेजा जाएगा।

राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा। कानून बनने के बाद अवैध तरीके से संचालित हो रहे हुक्का बार पर कार्रवाई शुरू हो जाएगी। गौरतलब है कि, बिल के मसौदे में सरकार ने प्रावधान किया है कि, हुक्का बार संचालन की शिकायत आने पर पुलिस बिना किसी वारंट के संचालक को अरेस्ट करने के साथ अविलंब कार्रवाई कर सकेगी। हालांकि इसमें कार्रवाई का अधिकार एसआई या उससे वरिष्ठ अधिकारी को दिया गया है। इसमें कार्रवाई के बाद सामान जब्त करने सहित संचालक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। या उससे ऊपर के अधिकारी को दिया गया है, वे तुरंत हुक्का बार पहुंचकर सामान जब्त करेंगे और अपराध दर्ज करेंगे।

सजा महाराष्ट्र- गुजरात की तर्ज पर

बता दें कि, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, व छत्तीसगढ़ के बाद मध्यप्रदेश देश का 5वां ऐसा प्रदेश होगा, जहां पर हुक्का बार को लेकर कानून बन रहा है। प्रदेश सरकार अन्य राज्यों की तर्ज पर केंद्र के ‘सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम-2003 में बदलाव कर ये बिल ला रही है। गौरतलब है कि, एमपी सरकार ने इस बिल में सजा का प्रावधान गुजरात और महाराष्ट्र की तर्ज पर किया है। जिसमें 1 साल की न्यूनतम सजा व 3 साल की अधिकतम सजा होगी। वहीं जुर्माने का प्रावधान राजस्थान और छत्तीसगढ़ के जैसे किया गया है। जहां पर न्यूनतम 50 हजार व अधिकतम एक लाख रुपए तक जुर्माना है।

राष्ट्रपति से जल्द मुहर लगने की उम्मीद

सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट की बैठक में बिल पारित होने के बाद सरकार इस पर राष्ट्रपति से जल्द मुहर लगने की उम्मीद जता रही है। इसके पीछे की एक वजह ये भी है कि, सरकार महज अन्य राज्यों के जैसे 2003 के एक्ट में मामूली संशोधन कर रही है। बहरहाल प्रदेश में हुक्का बार को बंद करने का अभी कोई कानून नहीं है। पुलिस भी मजबूर है, क्योंकि जब भी कार्रवाई होती है तो संचालक कोर्ट से स्टे ले आते हैं।
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