भोपाल : भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) के एक बाबू को लोकायुक्त ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह मामला तब सामने आया जब फरियादी, घनश्याम राठौर, ने चार महीने पहले अपने मकान के नामांतरण के लिए आवेदन दिया था। बाबू, शहाब उद्दीन सिद्दीकी, ने नामांतरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त दस हजार रुपए की मांग की। जब राठौर ने रिश्वत देने से इनकार किया, तो उनके काम को चार महीने तक अटका कर रखा गया। अंततः, तंग आकर राठौर ने लोकायुक्त में शिकायत की।
भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम
शिकायत की जांच के बाद, शुक्रवार को आरके सिंह, उप पुलिस अधीक्षक की टीम ने ट्रैप कार्रवाई की और बाबू को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। यह घटना सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम का एक उदाहरण है, जो नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रही है। इस मामले के बाद कई ऐसे रिश्वतखोर अधिकारियों में हलचल देखी जा रही है।
