Bhopal: मध्य प्रदेश के भोपाल के ऐशबाग रेलवे ओवरब्रिज को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। हाल ही में ओवरब्रिज में कुछ गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि जब तक इन खामियों को दूर नहीं किया जाता, तब तक इसका उद्घाटन नहीं किया जाएगा। इसकी जांच लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यू डी द्वारा की गई है। जानकारी के अनुसार, इस ओवरब्रिज का डिजाइन एक या दो बार नहीं बल्कि तीन बार बदला गया है।
तीन बार बदला ओवरब्रिज का डिजाइन
पीडब्ल्यूडी ने ओवरब्रिज की जांच की। जांच के बार रिपोर्ट में ओवरब्रिज के डिजाइन को लेकर जानकारी दी गई है। बताया गया है कि इसके डिजाइन को 3 बार बदला गया है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रारंभ में इसे 30 डिग्री के कोण पर बनाने की योजना थी, लेकिन बाद में इसे 45 डिग्री में परिवर्तित किया गया। रिपोर्ट में रेलवे और पीडब्ल्यूडी के बीच समन्वय की कमी और पत्राचार में विवाद भी उजागर हुआ है।
बता दें कि बिज्र की जांच तीन सदस्यीय तकनीकी समिति द्वारा की गई थी। इसमें चीफ इंजीनियर बीपी बौरासी, पीसी वर्मा और ईई प्रवीण निगम शामिल थे। इस समिति ने ब्रिज निर्माण की प्रक्रिया और डिजाइन में बदलाव की जांच की। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि तीसरे पीलर के पीछे एक अतिरिक्त पीलर बनाकर जुगाड़ से स्लैब डाला गया। इसके लिए जिम्मेदार ठहराए गए अधिकारियों में चीफ इंजीनियर संजय खांडे, जीपी वर्मा और डिजाइन इंजीनियर ईई सबाना रज्जाक शामिल हैं।
कब-कब बदला ओवरब्रिज का समय
रिपोर्ट में कहा गया है कि पहली जीएडी (जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग) 2018 में एलके दुबे द्वारा तैयार की गई थी, जिसमें 45 डिग्री का मोड़ तकनीकी रूप से सही था। 2021 में, चीफ इंजीनियर संजय खांडे ने इसे 30 डिग्री में बदल दिया, और फिर 28 अगस्त 2024 को जीपी वर्मा ने बिना रेलवे की सहमति के अतिरिक्त पिलर का प्रावधान किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि जब तक ब्रिज की खामियों को दूर नहीं किया जाता, इसका उद्घाटन नहीं किया जाएगा।
