भोपाल

दिन में दर्जी, रात में ट्रक लुटेरा और सीरियल किलर; मात्र 8 साल में 34 हत्याओं को दिया अंजाम

दिन में कपड़े सिलने वाला और मासूम दिखने वाला एक व्यक्ति रात में खूंखार हत्यारा बन जाता था। उसने मात्र आठ साल में ही 34 ट्रक ड्राइवरों और क्लीनरों की बेरहमी से हत्या कर दी थी। उसका कहना है कि उसने उन्हें कठिन जिंदगी से मुक्ति दी है।

Image

सीरियल किलर की अनोखी कहानी

Photo : Times Now Digital

कौन यकीन कर सकता है कि जो व्यक्ति दिन में दर्जी का काम करता है। शरीफ सा दिखने वाला व्यक्ति जो दिनभर कपड़े सिलता है, वही रात को सीरियल किलर बन जाता है। शायद इस बात में किसी को भी यकीन नहीं होगा। लेकिन उस व्यक्ति ने खुद ही स्वीकार किया है कि उसने पिछले 8 वर्षों में 34 हत्याएं की हैं।

भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार आदेश खामरा नाम के इस दिन में दर्जी और रात में सीरियल किलर ने पिछले आठ वर्षों में 34 ट्रक ड्राइवरों और क्लीनरों की बेरहमी से हत्या की। खामरा का कहना है कि उसने इन लोगों को 'मुक्ति' दी, क्योंकि उनकी जिंदगी बहुत कठिन थी। वह अपने बचपन की कठिनाइयों को अपने अपराधों का कारण बताता है, जिसमें पिता द्वारा पीटने और गरीबी का जिक्र है।

खामरा और उसके साथी पहले तो ट्रक ड्राइवरों से दोस्ती करते थे और फिर उन्हें धोखे से मार देते थे। पुलिस ने खामरा को सितंबर 2018 में गिरफ्तार किया, जब एक ट्रक की जीपीएस लोकेशन अचानक बंद हो गई थी। जांच के दौरान, पुलिस ने एक संदिग्ध जयकरण को पकड़ा, जिसने खामरा के अपराधों का खुलासा किया।

खामरा ने स्वीकार किया कि उसने अपने गैंग के साथ मिलकर ड्राइवरों को लूटने के लिए योजनाएं बनाई थीं। भोपाल पुलिस ने खामरा को सुल्तानपुर (UP) से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान, खामरा ने 34 हत्याओं को कबूल किया। उसे और उसके साथी जयकरण को ट्रक चोरी के एक मामले में 3-3 साल की सजा सुनाई गई है, जबकि अन्य दो साथियों को 2-2 साल की सजा मिली है।

खामरा फिलहाल भोपाल सेंट्रल जेल में है, और उसके अपराधों को देखते हुए लगता है कि उसकी बाकी जिंदगी भी सलाखों के पीछे ही बीतेगी।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article