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क्या आपने महाभारत के योद्धा कर्ण का देश देखा है...अगर नहीं तो यहां आएं, एक-एक चित्र बताएगा इतिहास

महाभारत के पात्रों में कर्ण का नाम एक कुशल योद्धा के तौर पर लिया जाता है। कर्ण को दानवीर भी कहा जाता है। दुर्योधन ने उन्हें अंगप्रदेश का राजा बनाया था। लेकिन क्या आप जानते हैं अंगराज कर्ण का अंगप्रदेश कहां है ।

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अंगप्रदेश

Bhagalpur: महाभारत में कई किरदार से लेकर जगहों तक का जिक्र हुआ है। महाभारत काल के पात्र और उनसे जुड़ी बातें आज भी लोगों के लिए रहस्य है। वहीं इन किरदारों में कर्ण का नाम भी एक कुशल योद्धा के तौर पर लिया जाता है। महाभारत में जिक्र कई जगहों के नाम आज बदल चुके हैं तो कुछ आज भी उसी नाम से जाने जाते हैं। ऐसे में आज हम बात करेंगे कर्ण के देश के बारे में। ऐसा माना जाता है कि दुर्योधन ने कर्ण को अंगप्रदेश का राजा बनाया था। लेकिन इस अंगप्रदेश के बारे में बहुत कम लोग ही जानते होंगे।

वह सूर्य और कुंती के पुत्र थे। लेकिन उनका लालन-पालन एक सुत परिवार ने किया था। इसलिए उन्हें सुतपुत्र भी कहा जाता है। कर्ण के दरबार से कोई निराश होकर नहीं लौटता था। यहां तक कि उन्होंने अपने पिता सूर्य से मिले कवज और कुंडल भी दान कर दिए थे।

यहां है अंगराज का अंगप्रदेश

दानवीर कर्ण युद्ध कला में माहिर थे। इसलिए महाभारत यु्द्ध के दौरान दुर्योधन ने कर्ण को अंगप्रदेश का राजा बनाया था, जिससे वह बाद में पांडवों के खिलाफ कौरवों की मदद कर सकें। उनका ये अंगप्रदेश भागलपुर और उसके आसपास के क्षैत्र कहलगांव को माना जाता है। कहा जाता है कि इस गांव को कुबेर का आशीर्वाद मिला था। यहां हर कोई धन-धान्य से भरा हुआ था।

तस्वीरें कहेंगी अंगराज की कहानियां

आज इस प्रदेश में मंजूषा कला के माध्यम से अंगराज कर्ण के जीवन का वर्णन किया जा रहा है। इस कला के बारे में कहा जाता कि इसमें तीन रंगों लाल, पीली हरी से चित्र बानाई जाती है। ये तीनों रंग, हरियाली, शांति और सौभाग्य का प्रतीक माने जाते हैं।

Maahi Yashodhar
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माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

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