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कौन जीतेगा, किसे मिलेंगी कितनी सीटें? IPL के साथ 5 राज्यों के चुनाव पर Mahadev Betting App से सट्टेबाजी

आईपीएल के साथ Mahadev Betting App “Mahaadev” नाम से फिर सक्रिय हो गया है। दुबई से संचालित यह नेटवर्क व्हाट्सप्प और वेबसाइट्स के जरिए यूजर्स को जोड़ रहा है। क्रिकेट मैचों के साथ-साथ चुनावों में जीत-हार और सीटों पर भी सट्टा लगवाया जा रहा है, जबकि पेमेंट UPI और QR कोड से हो रहा है।

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(फाइल फोटो)

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के शुरू होते ही एक बार फिर ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क सक्रिय हो गया है। पहले विवादों में घिर चुका Mahadev Betting App अब महादेव नाम से नए तरीके के साथ दोबारा सामने आया है। इस बार इसका ऑपरेशन और भी ज्यादा गुप्त और टेक्नोलॉजी-आधारित बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस नेटवर्क को कथित तौर पर दुबई से संचालित किया जा रहा है और इससे जुड़े चंद्राकर ब्रदर्स अब सीधे किसी एक ऐप के जरिए काम नहीं कर रहे हैं। इसके बजाय, वे अलग-अलग वेबसाइट्स, लिंक और मिरर प्लेटफॉर्म के जरिए यूजर्स तक पहुंच बना रहे हैं। लोगों को व्हाट्सप्प ग्रुप्स के जरिए जोड़ा जाता है, जहां उन्हें सट्टेबाजी के लिए आईडी उपलब्ध कराई जाती है और फिर मैच दर मैच दांव लगाने का मौका दिया जाता है।

चुनाव पर सट्टेबाजों की नजर

चौंकाने वाली बात यह है कि यह सट्टेबाजी सिर्फ क्रिकेट मैचों तक सीमित नहीं है। जानकारी के अनुसार, चुनावों पर भी बड़े स्तर पर दांव लगाए जा रहे हैं। किस राज्य में कौन जीतेगा, कितनी सीटें आएंगी। इन सभी पहलुओं पर पैसे लगाए जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल, केरल और असम जैसे राज्यों की विधानसभा सीटों तक को इस सट्टेबाजी नेटवर्क में शामिल किया गया है। भुगतान के लिए UPI और QR कोड जैसे डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे लेनदेन को ट्रैक करना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। यही वजह है कि एजेंसियों के लिए इस पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसना आसान नहीं हो पा रहा है।

गौरतलब है कि यह वही नेटवर्क है, जो पहले भी बड़े घोटाले में सामने आ चुका है। इसकी जांच की आंच कई बड़े अधिकारियों और राजनीतिक हस्तियों तक पहुंच चुकी थी, जिनमें पूर्व सीएम (Bhupesh Baghel) का नाम भी सुर्खियों में आया था। हालांकि, अब यह नेटवर्क नए नाम और नए तौर-तरीकों के साथ फिर सक्रिय हो गया है। कुल मिलाकर, IPL के साथ-साथ सट्टेबाजी का यह अवैध खेल भी तेजी पकड़ रहा है, जो कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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