बेंगलुरु के HAL ओल्ड एयरपोर्ट रोड पर आज यानी सोमवार 1 जून को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब एक व्यक्ति ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब वहां से राज्यपाल का काफिला गुजरने वाला था और इसके लिए ट्रैफिक को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। लगभग 30 मिनट तक लगाए गए इस 'जीरो-ट्रैफिक' व्यवस्था के कारण आम यात्रियों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन कर रहे व्यक्ति का कहना था कि अचानक सड़क बंद होने से उनकी गर्भवती पत्नी गंभीर स्थिति में फंस सकती थीं। व्यक्ति ने गुस्से में कहा, 'मेरी पत्नी गर्भवती है, मैं क्या करूं?' व्यक्ति का कहना था कि ऐसे समय में सड़क बंद करना आम नागरिकों की सुरक्षा और आपात स्थिति दोनों के लिए खतरा बन सकता है।
सूत्रों के अनुसार, ट्रैफिक पुलिस ने सुरक्षा कारणों से राज्यपाल के काफिले के लिए मार्ग को अस्थायी रूप से रोक दिया था। इस दौरान कई गाड़ियों और यात्रियों को लंबे समय तक जाम में फंसे रहने को मजबूर होना पड़ा, जिससे यात्रियों में काफी असंतोष दिखा।
घटना की सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे व्यक्ति से बातचीत की। अधिकारियों ने शिकायत सुनी और प्रदर्शनकारी व्यक्ति को आश्वासन दिया कि आपात स्थिति में नागरिकों की मदद को प्राथमिकता दी जाएगी। बातचीत के बाद व्यक्ति शांत हुआ और कुछ समय बाद उसने अपना विरोध समाप्त खत्म कर दिया। इसके बाद सड़क पर सामान्य यातायात बहाल कर दिया गया।
यह घटना शहरी यातायात प्रबंधन और वीआईपी मूवमेंट के दौरान आम नागरिकों की असुविधा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ती है। बेंगलुरू में HAL Old Airport Road जैसे व्यस्त मार्गों पर इस तरह की रुकावटें अक्सर लोगों के लिए चुनौती बन जाती हैं, खासकर जब आपातकालीन स्थिति हो।
यह घटना हाल ही में मुंबई में हुई एक अन्य घटना की भी याद दिलाती है, जहां एक महिला ने बीजेपी नेता गिरिश महाजन से ट्रैफिक जाम को लेकर नाराजगी जताई थी। उस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। जानकारों का मानना है कि वीआईपी मूवमेंट और नागरिकों की सुविधा के बीच संतुलन बनाना आज के समय की सबसे बड़ी शहरी चुनौती बन चुकी है।
