Barabanki Village Electricity: देश को आजादी के लगभग आठ दशक बीत जाने के बाद, बाराबंकी जिले के गढ़रियनपुरवा गांव के निवासियों ने सोमवार को पहली बार अपने घरों में बिजली की रोशनी देखी। जिला मुख्यालय से केवल आठ किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में जैसे ही विद्युत आपूर्ति शुरू हुई, पूरे गांव में उत्साह और खुशी का माहौल फैल गया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर चेहरे पर लंबे समय से चली आ रही प्रतीक्षा के बाद राहत और आनंद झलक रहा था।
गांव के रहने वाले रोहित पाल ने बताया कि यह दिन उनके लिए किसी बड़े सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने कहा कि बिजली न होने के कारण गांव में शादी-ब्याह जैसे कार्यक्रमों में भी कठिनाइयां आती थीं। रिश्तेदार गांव आकर अंधेरे का अनुभव कर वापस लौट जाते थे। उन्होंने सपा सदर विधायक सुरेश यादव, जिलाधिकारी, बिजली विभाग के अधिकारियों और ग्राम प्रधान का धन्यवाद करते हुए कहा कि अब वे सच में आज़ाद भारत का अनुभव कर पा रहे हैं।
2017 में लगे थे खंभे
गांव की महिलाओं ने भी खुशी जताई। एक महिला ने बताया कि अब उनके बच्चे रात में बेहतर तरीके से पढ़ाई कर पाएंगे। पहले उन्हें दीयों और मोमबत्तियों की कम रोशनी में पढ़ना पड़ता था। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली की कमी की वजह से शादी भी मुश्किल में पड़ जाती थी। ग्रामीणों के अनुसार, साल 2017 में गांव में बिजली के खंभे लगाए गए थे, लेकिन तार खींचने और कनेक्शन मिलने में लगभग नौ साल लग गए।
सपा सदर विधायक ने बताया ये
इस दौरान कई बुजुर्ग अपने जीवन में बिजली की रोशनी देखने का सपना अधूरा छोड़कर दुनिया से चले गए। इस मौके पर पहुंचे सपा सदर विधायक सुरेश यादव ने बताया कि गांव का कुछ हिस्सा वन विभाग के क्षेत्र में आने के कारण विद्युत कनेक्शन लगाना वर्षों तक अटका रहा। प्रशासनिक और तकनीकी कई अड़चनें थीं, लेकिन जिलाधिकारी, डीएफओ और बिजली विभाग के अधिकारियों के सहयोग से आज यह संभव हो पाया।
(रिपोर्ट - विशन सिंह)
