Ashok Gehlot: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस नेता सचिन पायलट को लेकर एक बार फिर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पुराने राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि जब सचिन पायलट को केंद्र सरकार में मंत्री बनाए जाने की प्रक्रिया चल रही थी, तब उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर उनकी सहायता की थी। गहलोत ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि पायलट ने कभी सार्वजनिक मंच से इस सहयोग का जिक्र नहीं किया और न ही अपने करीबी लोगों के बीच इसकी चर्चा की। कांग्रेस की आंतरिक राजनीति पर बात करते हुए गहलोत ने कहा कि पार्टी ने अपने नेताओं को पहचान और अवसर दिए हैं, इसलिए सभी को संगठन के हित में एकजुट होकर कार्य करना चाहिए। इस दौरान गहलोत ने सचिन पायलट के साथ अपने पुराने संबंधों और राजनीतिक सहयोग के विभिन्न पहलुओं को भी याद किया।
पायलट के केंद्रीय मंत्री बनने के दौरान गहलोत की अहम भूमिका
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दावा किया है कि सचिन पायलट के केंद्रीय मंत्री बनने की प्रक्रिया के दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। गहलोत के अनुसार उस समय पायलट ने उनसे फोन पर संपर्क कर सहयोग का अनुरोध किया था, जिसके बाद उन्होंने संबंधित लोगों से बातचीत की। गहलोत का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम से सचिन पायलट भी भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने आगे कहा कि मैंने खुद पायलट को फोन कर बताया था कि मैंने उनके मंत्री पद के लिए बात कर ली है।
इस बात का रहा हमेशा मलाल
गहलोत ने कहा कि उन्हें हमेशा इस बात का मलाल रहा कि पायलट ने कभी सार्वजनिक रूप से उनके सहयोग का जिक्र नहीं किया। उनका मानना है कि यदि पायलट अपने समर्थकों या सहयोगियों के बीच भी यह स्वीकार करते कि उनके राजनीतिक सफर में गहलोत का योगदान रहा है, तो उन्हें व्यक्तिगत संतोष मिलता। उन्होंने कहा कि राजनीति में विचारों का अंतर स्वाभाविक है, लेकिन किसी के सहयोग को स्वीकार करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने पर
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय में उनके मन में किसी पद या जिम्मेदारी को लेकर कोई आकांक्षा नहीं है। तीन बार राजस्थान के मुख्यमंत्री रह चुके गहलोत ने खुद को एक संतुष्ट राजनेता बताते हुए कहा कि अब उनका ध्यान संगठन को मजबूत करने पर है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से एकजुट होकर काम करने की अपील करते हुए कहा कि पार्टी और देश के सामने मौजूद चुनौतियों का सामना सामूहिक प्रयासों से ही किया जा सकता है। गहलोत ने राजस्थान कांग्रेस की संगठनात्मक क्षमता का भी उल्लेख किया और कहा कि प्रदेश इकाई हमेशा से पार्टी के लिए महत्वपूर्ण रही है। उनके अनुसार पार्टी नेतृत्व भी राज्य संगठन की मजबूती और उसके योगदान को अच्छी तरह समझता है, इसलिए राजस्थान को कांग्रेस में विशेष महत्व प्राप्त है।
