बिहार में जदयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह महादंगल करा रहे हैं, जिसमें बिहार से ही नहीं, बल्कि पूरे भारत से और यहां तक कि विदेश से भी पहलवान भाग लेने के लिए बाढ़ के नदावां गांव पहुंच गए हैं। बिहार का यह इलाका कभी अपनी पहलवानी के लिए काफी मशहूर था और नदावां गांव में कई नामी पहलवान हुए। उन्हीं में से एक थे पहलवान विवेका सिंह, जिन्हें बिहार केसरी की उपाधि मिली हुई थी। इन्हीं विवेका सिंह की पुण्यतिथि पर अनंत सिंह यह महादंगल करा रहे हैं। कभी दोनों के बीच गहरी दुश्मनी थी।
कौन थे बिहार केसरी विवेका सिंह?
बिहार केसरी विवेका सिंह, अनंत सिंह के रिश्ते में भाई लगते थे। विवेका सिंह की दो पहचान थीं— एक पहलवान की और दूसरी बाहुबली की। विवेका सिंह की पहलवानी के चर्चे एक समय में पूरे बिहार में थे। उन्होंने बिहार केसरी का खिताब भी जीता था। विवेका सिंह अपनी शारीरिक ताकत और खास कुश्ती शैली के लिए जाने जाते थे। कहा जाता है कि जब विवेका सिंह पहलवानी करते थे, तब उनका आहार भी काफी अधिक होता था। वह रोजाना 5 लीटर दूध और बादाम का हलवा जैसे पौष्टिक आहार लेते थे और हजारों दंड-बैठक लगाते थे। पिछले साल हार्ट अटैक से विवेका सिंह का निधन हो गया था।

बिहार केसरी विवेका सिंह
दुश्मनी से दोस्ती की कहानी
अनंत सिंह और विवेका सिंह के बीच एक जमाने में गहरी दुश्मनी थी- ऐसी दुश्मनी कि दोनों एक-दूसरे की जान लेने पर उतारू थे। एक बार तो अनंत सिंह पर हमले का आरोप भी विवेका सिंह पर लगा था। दोनों परिवारों के कई सदस्य मारे गए और कई जेल भी गए। बाद में इन दो बाहुबलियों के बीच दुश्मनी दोस्ती में बदल गई। दोस्ती ऐसी कि जब अनंत सिंह जेल में रहकर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे, तब जमीन पर विवेका सिंह चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। तब अनंत सिंह की विजय हुई थी। पिछले विधानसभा चुनाव में विवेका सिंह के बेटे, अनंत सिंह को जिताने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे थे।
विवेका सिंह की याद में अनंत सिंह का महादंगल
आज विवेका सिंह, जिन्हें बाढ़-मोकामा के लोग प्यार से विवेका पहलवान कहकर बुलाते थे, उनकी पुण्यतिथि है और इसी अवसर पर बिहार में अनंत सिंह महादंगल करवा रहे हैं। इसके लिए बाकायदा अखाड़ा बनवाया गया है। लाल मिट्टी मंगवाकर उसमें हल्दी, नीम और सरसों का तेल मिलाया गया है। देश-विदेश से पहलवानों को बुलाया गया है। ईरान के चर्चित पहलवान हामिद, इरफान और जलाल, तो जॉर्जिया से टेड्डू पहलवान को भी इस दंगल के लिए बुलाया गया है। इस दंगल के लिए नदावां में एक दिन पहले से ही भीड़ जुटने लगी है। कहा जा रहा है कि बिहार में ऐसा दंगल हाल के कई सालों में नहीं हुआ है। अनंत सिंह खुद पिछले कुछ दिनों से अपने गांव में रहकर इस दंगल की तैयारी में जुटे हुए थे।
