एसआईआर को लेकर देश भर में जारी सियासी विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर करारा हमला बोला है। राजधानी लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर भारतीय जनता पार्टी के साथ सांठ-गांठ करने के आरोप लगाए। उन्होंने हल्ला बोलते हुए कहा कि एसआईआर फॉर्म को लेकर बीएलओ और कर्मियों पर जबरन दबाव बनाया जा रहा है। जिससे कई बीएलओ की मौत तक हो गई है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और निर्वाचन आयोग पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए दावा किया कि सरकार मतदाता सूची के एसआईआर के बहाने वोट डालने का अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने एसआईआर अभियान के दौरान ड्यूटीरत एक बीएलओ की मौत के बाद उसके परिजनों को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के बाद कहा कि हमारी मांग है एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए। उन्होंने मृत बीएलओ विजय वर्मा की पत्नी को सरकारी नौकरी के साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ देने की भी मांग की।
इस दौरान मृतक की पत्नी ने आरोप लगाते हुए (विजय वर्मा) वे शिक्षा मित्र थे, उनकी ड्यूटी बीएलओ में लगाई गई थी। 14 तारीख को उन्हें मस्तिष्काघात हुआ और उस दिन वह काम पर गये थे। रात में 11 बजे बैठकर अपना काम कर रहे थे, तभी कुर्सी से गिरे और हम लोग उन्हें अस्पताल ले गये, जहां चिकित्सकों ने बताया कि मस्तिष्काघात हुआ है। आगे उन्होंने आरोप लगाया कि एक अधिकारी ने कहा कि वह पहले से कार्यमुक्त थे, जब 14 तारीख को कार्य किया तो कार्यमुक्त कैसे हो गये। प्रशासन की तरफ से कोई मदद भी नहीं मिली और झूठा आरोप लगा रहे हैं।
इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि एसआईआर सोची समझी साजिश है। ये बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के दिये हुए संविधान के तहत हमें जो वोट डालने का अधिकार है, उस अधिकार को छीनने की तैयारी है। उन्होंने दावा किया कि ये आपकी पहचान छीनेंगे और आपके ऊपर उल्टे सीधे दबाव बनाएंगे। अखिलेश यादव ने कहा कि सपा पहले दिन से मांग कर रही है कि इस तरह काम का दबाव न बनाया जाए, क्योंकि यह बहुत जिम्मेदारी और सावधानी का काम है और बहुत संवेदनशील कार्य है। उन्होंने कहा कि एक बार फॉर्म खारिज हो गया और वोट आपका नहीं बना तो पूरे कागजात के साथ घूमना पड़ेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि एसआईआर पर आखिर भाजपा इतनी जल्दबाजी में क्यों है। चुनाव आयोग और भाजपा मिले हुए हैं और दोनों जल्दबाजी कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि पहले भी मैं यह बात कह चुका हूं कि उत्तर प्रदेश में लगातार शादियां हो रही हैं और शादियों के समय में लोगों को एक-दूसरे के यहां आना जाना, तैयारी करना होता और सब व्यस्त हैं। ऐसे में अभी पूरे प्रदेश का एसआईआर कराने की क्या आवश्यकता है।
उन्होंने व्यवस्था पर भी व्यंग्य कसा। अखिलेश यादव ने कहा कि आलम यह है कि बीएलओ के सहायक की जिम्मेदारी नगर पालिका के सफाईकर्मियों को दे दी गई है। फॉर्म में इतनी तकनीकी बातें हैं और बीएलओ का सहायक सफाई कर्मचारी को बनाया गया है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि सरकार के आंकड़े बता रहे हैं कि सभी फॉर्म बांटे जा चुके हैं, लेकिन वास्तविकता कुछ और ही है।
