अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे फरार कैदी को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 12 सालों से पुलिस को चकमा देकर फिल्मी दुनिया में 'नई पहचान' के साथ जिंदगी जी रहा था। हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा आरोपी पैरोल पर जेल से बाहर आया था, जिसके बाद वह फरार हो गया था और बाद में नाम बदलकर गुजराती और हिंदी फिल्मों, वेब सीरीज और नाटकों में सपोर्टिंग एक्टर के तौर पर काम करने लगा।
2005 में हत्या के केस गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपी की पहचान हेमंत नगीनदास परषोत्तमदास मोदी उर्फ वैष्णव (53) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से अहमदाबाद के सैजपुर बोगा इलाके का रहने वाला है। वर्तमान में वह घी-कांटा मेट्रो स्टेशन के पास रह रहा था, जहां से क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, हेमंत मोदी के खिलाफ साल 2005 में नरोडा पुलिस स्टेशन में हत्या समेत गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ था। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी और वह महेसाणा जिला जेल में सजा काट रहा था।
पहचान बदलकर फिल्मों में किया काम
साल 2014 में गुजरात हाईकोर्ट से उसे 30 दिन की पैरोल मिली थी, लेकिन पैरोल खत्म होने के बाद वह जेल वापस नहीं लौटा और फरार हो गया। इसके बाद करीब 12 सालों तक वह पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। जांच में सामने आया कि फरारी के दौरान आरोपी ने अपनी पहचान बदलकर 'स्पंदन मोदी' नाम रख लिया था। इसी नाम से उसने मनोरंजन जगत में एंट्री की और धीरे-धीरे गुजराती, हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में सपोर्टिंग एक्टर के रूप में काम करने लगा।
क्राइम ब्रांच की प्राथमिक जांच के अनुसार आरोपी 20 से अधिक फिल्मों, वेब सीरीज और थिएटर प्रोजेक्ट्स में काम कर चुका है। उसने कई जाने-माने कलाकारों के साथ स्क्रीन भी शेयर की थी। पुलिस का मानना है कि उसने ग्लैमर इंडस्ट्री की भीड़ और नकली पहचान का इस्तेमाल खुद को छिपाने के लिए किया। आखिरकार अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को उसकी लोकेशन संबंधी इनपुट मिले, जिसके आधार पर उसे घी-कांटा मेट्रो स्टेशन के पास से दबोच लिया गया। अब उसे शेष सजा भुगतने के लिए महेसाणा जिला जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
