उत्तर प्रदेश में एक और एक्सप्रेसवे बन रहा है। 228 किमी लंबा यह एक्सप्रेसवे राज्य के 15 जिलों को जोड़ेगा और इसके अगले दो वर्ष में पूरा होने की उम्मीद है। इस एक्सप्रेसवे का नाम आगरा-बरेली एक्सप्रेसवे कॉरिडोर है।
इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से आगरा, मथुरा, बरेली सहित कई जिलों के बीच यात्रा को तेज और सुविधाजनक हो जाएगी। इस एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के बन जाने के बाद ताजनगरी आगरा से झुमका सिटी बरेली तक की दूरी मात्र ढाई घंटे में सिमट जाएगी।जबकि वर्तमान में इस सफर में लगभग पांच घंटे का समय लगता है।
कॉरिडोर का निर्माण आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ किया जा रहा है, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा। परियोजना के पहले चरण में मथुरा से हाथरस तक का खंड अगले महीने यानी जून 2025 तक पूरा हो जाएगा, जिससे इस हिस्से में यातायात की भीड़ कम होगी और स्थानीय लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी।
इस कॉरिडोर के बनने से न सिर्फ यात्रा का समय कम होगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। यह कॉरिडोर पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है, जो औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों को भी नई दिशा देगा।
उत्तर प्रदेश सरकार इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर तैयार करवा रही है। इसके परियोजना को समय पर पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का खास ध्यान रखा जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि यह कॉरिडोर न सिर्फ यात्रा को सुगम बनाए, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे।
इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से आगरा और आसपास के जिलों से हलद्वानी और नैनीताल सहित उत्तराखंड के कुमाऊं अंचल में आने-जाने में भी आसानी होगी। इससे लोगों को लखनऊ एक्सप्रेसवे और एनएच-24 से लंबा चक्कर लगाकर ताजनगरी तक आने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि वह सिर्फ ढाई घंटे में बरेली से आगरा पहुंच जाएंगे।
