आगरा में एक गंभीर मुद्दे पर सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने विवादित बयान दिया है, जिसमें उन्होंने 17 साल की दलित किशोरी पर हुए दुष्कर्म को गंभीरता से नहीं लिया। जब उनसे पूछा गया कि क्या अखिलेश यादव यहां आएंगे तो सुमन ने कहा कि ये इतना बड़ा मामला नहीं है। उन्होंने ये भी कहा कि अखिलेश यादव का आगमन आवश्यक नहीं है। इस बयान पर योगी सरकार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और सपा पर दलितों के खिलाफ अत्याचार का आरोप लगाते हुए मंत्री असीम अरुण और संजय निषाद ने सपा की कड़ी आलोचना की है।
आगरा थाना क्षेत्र के एक गांव में 17 अप्रैल की रात दलित समाज की बालिका के पिता दावत में गए थे। गांव का रहने वाला ओमवीर लोधी रात डेढ़ बजे घर के बाहर सोती बालिका को उठा ले गया और पांच सौ मीटर दूर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। सुबह पहुंची पुलिस ने सीसीटीवी से उसकी पहचान की। बालिका से दुष्कर्म की घटना के बाद राजनीति गर्मा गई।
भाजपा ने किया पलटवार
आगरा में समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के बयान ने खलबली मचा दी है। उन्होंने 17 साल की किशोरी के साथ हुए रेप को कोई बड़ा मामला नहीं कहा। सुमन ने कहा कि अखिलेश यादव का आगरा आने की भी जरूरत नहीं है। इस बयान के बाद योगी आदित्यनाथ के मंत्रियों ने पलटवार किया। मंत्री असीम अरुण ने कहा कि सपा ने दलितों पर अत्याचार किया है, इसलिए उन्हें हर घटना छोटी लगती है। कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने सपा सांसद को अवसरवादी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुमन के बयानों के पीछे अखिलेश यादव का हाथ है। संजय निषाद ने कहा कि अगर यादव असहमत होते, तो सुमन को पार्टी से बाहर निकाल देते। ये सपा में पुरानी परंपरा है कि नेताओं से विवादित बयान दिलवाए जाते हैं।
