Agra News: उत्तर प्रदेश के आगरा में खनन माफिया और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई । इस दौरान एक ट्रैक्टर चालक गोलियां लगने से घायल हो गया। घायल हुए ट्रैक्टर चालक की जान बचाने के लिए पुलिस ने ड्यूटी के साथ ही इंसानियत का फर्ज भी निभाया। चालक के इलाज कर रहे चिकित्सकों ने सात यूनिट रक्त की जरूरत बताई थी। इस पर न सिर्फ छह पुलिसकर्मियों ने रक्तदान किया, बल्कि एक ने परिजन की तरह दवा की भी व्यवस्था की। पुलिसकर्मियों के इन प्रयासों के बाद ट्रैक्टर चालक की जान बच गई।
सीओ खेरागढ़ महेश कुमार ने कहा कि इरादत नगर क्षेत्र के सूरजपुरा रोड पर पुलिस मुठभेड़ में मुरैना निवासी ट्रैक्टर चालक आकाश गुर्जर के पेट और जांघ में गोली लगी थी। उसका खून ज्यादा निकल रहा था। पुलिसकर्मियों ने उसे एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी पहुंचा दिया। घटना की सूचना पर एसएसपी प्रभाकर चौधरी, एसपी सत्यजीत गुप्ता भी मौके पर आ गए। पुलिस ने घायल के परिजनों के बारे में पता किया। परिजनों को फोन कर घटना की सूचना दी गई, लेकिन कोई नहीं आया और आकाश की हालत गंभीर थी।
डॉक्टर ने इलाज के दौरान सात यूनिट रक्त की आवश्यकता बताई थी। यह बात सुनते ही पुलिस अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को रक्त की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। डॉक्टर ने कहा कि घायल व्यक्ति का ब्लड ग्रुप ए पॉजीटिव है। इसकी जानकारी को वायरलेस पर मैसेज किया गया। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों के व्हाट्सएप ग्रुप पर भी मैसेज किए गए थे। देहात ही नहीं शहर के थानों को भी सूचना दी गई थी। इस सूचना पर अस्पताल परिसर में सुबह दस बजे आठ पुलिसकर्मी रक्तदान के लिए पहुंच गए थे।
पुलिस कर रही देखभाल
आगरा के इरादत नगर थाना क्षेत्र में तैनात हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार, सिपाही शिवम सिंह, दीपक कुमार, नितिन कुमार, एसआई सिद्धार्थ कुमार और थाना ताजगंज के सिपाही रवि कुमार ने रक्तदान किया। उधर, चिकित्सकों की टीम ने घायल युवक का ऑपरेशन शुरू कर दिया। इससे युवक की जान बच सकी। एक घंटे बाद चिकित्सकों ने राहत की सांस ली। घायल के लिए दवाओं की भी जरूरत थी, इस पर भी पुलिस इंतजाम में लगी रही। घटना की सूचना पर परिजन दोपहर में अस्पताल पहुंचे। अभी दो पुलिसकर्मी रिजर्व में रखे गए हैं। रक्त की आवश्यकता महसूस होने पर वह भी आ जाएंगे।
