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मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण की तैयारी तेज, भरतपुर से पहुंचे गुलाबी पत्थर; 9 अगस्त से कारसेवा का ऐलान

मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण को लेकर तैयारियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। राधाकुंड के जुल्हैंदी स्थित चित्रगुप्त पीठ में राजस्थान के भरतपुर जिले के बंसीपहाड़पुर से मंगाए गए गुलाबी पत्थरों की पहली खेप पहुंच गई है।

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मंदिर निर्माण के लिए 5 हजार मीट्रिक टन गुलाबी पत्थरों का ऑर्डर दिया गया

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Shree Krishna Janmabhoomi Mandir: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण की तैयारियां तेज होती नजर आ रही हैं। मथुरा के राधाकुंड क्षेत्र के जुल्हैंदी गांव स्थित चित्रगुप्त पीठ में शुक्रवार देर रात मंदिर निर्माण के लिए प्रस्तावित गुलाबी पत्थरों की पहली खेप पहुंची। ये पत्थर राजस्थान के भरतपुर जिले के बंसीपहाड़पुर से मंगाए गए हैं। बताया जा रहा है कि अयोध्या में निर्मित श्रीराम मंदिर के निर्माण में भी इसी क्षेत्र के पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है।

कब से शुरू होगा पत्थरों को तराशने का काम?

चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के संकल्प के तहत करीब 5 हजार मीट्रिक टन गुलाबी पत्थरों का ऑर्डर दिया है। उन्होंने 9 अगस्त से श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए कारसेवा शुरू करने और मंदिर निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पत्थरों को तराशने का काम आरंभ करने की घोषणा की है। पहली खेप पहुंचने के बाद इस अभियान को लेकर तैयारियां और स्पष्ट हो गई हैं।

भगवान कृष्ण की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण

स्वामी सच्चिदानंद महाराज के अनुसार, 9 अगस्त को उनके आश्रम से कारसेवा की औपचारिक शुरुआत की घोषणा की जाएगी। इस मौके पर एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश के 13 अखाड़ों से साधु-संतों के शामिल होने की बात कही गई है। उनका कहना है कि श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा और इसी उद्देश्य से पत्थरों को पहले से मंगाया जा रहा है।

9 अगस्त को ही आगे की रणनीति को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा

इस अभियान की घोषणा स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने 4 जुलाई को अयोध्या आंदोलन की तर्ज पर की थी। इसके बाद 12 जुलाई को उन्होंने हरिद्वार स्थित वात्सल्य गंगा आश्रम में साध्वी ऋतंभरा से मुलाकात कर अभियान के लिए समर्थन मांगा था। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी महाराज और निर्मोही अखाड़े के प्रवक्ता संत सीताराम दास भी प्रस्तावित कारसेवा के समर्थन में सामने आ चुके हैं। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर भी इस मामले को लेकर स्वामी सच्चिदानंद महाराज से कई दौर की बातचीत हो चुकी है। महाराज पहले कह चुके हैं कि 9 अगस्त को ही आगे की रणनीति को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, गुलाबी पत्थरों की पहली खेप के पहुंचने से उनकी तैयारियों का संकेत साफ तौर पर मिल रहा है। उनके मुताबिक, पत्थरों को तराशने का काम 9 अगस्त से शुरू किया जाएगा।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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