Agle 10 Din Ka Mausam: मौसम मिजाज दिन प्रतिदिन बदलता जा रहा है। मौसम प्रणालियों की बात करें तो, उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर, पंजाब के नजदीक लगभग 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) साइक्लोनिक परिसंचरण के रूप में एक्टिव है। इसके साथ मध्य एवं ऊपरी क्षोभमंडल (Troposphere) की पश्चिमी हवाओं में एक द्रोणिका (ट्रफ) भी जुड़ी हुई है, जो लगभग 68° पूर्वी देशांतर से 30° उत्तरी अक्षांश के उत्तर की ओर फैली हुई है।
इस प्रणाली के प्रभाव से निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में एक प्रेरित साइक्लोनिक परिसंचरण बना हुआ है। इसी दौरान, उपोष्णकटिबंधीय (Subtropical) पश्चिमी जेट स्ट्रीम उत्तर-पूर्व भारत के ऊपर सक्रिय है, जो लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 125 नॉट की तीव्र कोर पवनों के साथ बह रही है। निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर दक्षिण-पूर्व बांग्लादेश और उससे लगे क्षेत्रों में भी एक ऊपरी वायु साइक्लोनिक परिसंचरण मौजूद है। इसके अतिरिक्त, पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और समीपवर्ती दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर भी निचले स्तरों पर एक ऊपरी वायु साइक्लोनिक परिसंचरण देखा जा रहा है। आगे की स्थिति को देखते हुए, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दो नए कमजोर पश्चिमी विक्षोभों के क्रमिक रूप से प्रभावी होने की संभावना है, पहला 13 फरवरी से तथा दूसरा 16 फरवरी 2026 से।
3 पश्चिमी विक्षोभों से दिखेगा मौसम पर ये असर
लगातार प्रभावी हो रहे तीन पश्चिमी विक्षोभों के कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में छिटपुट से लेकर कहीं-कहीं बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। पहला पश्चिमी विक्षोभ 10 फरवरी, दूसरा 13 फरवरी तथा तीसरा 16 से 17 फरवरी 2026 के दौरान असर दिखा सकता है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से 10 फरवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर से लेकर कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। इसी दिन हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कहीं-कहीं गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाओं के साथ वर्षा/बर्फबारी हो सकता है।
गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना
इसके अलावा 13 और 16 फरवरी को इन क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश या के आसार बने हुए हैं। वहीं 16 फरवरी को पंजाब तथा हरियाणा-चंडीगढ़ में कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली के साथ बारिश होने की संभावना है। न्यूनतम तापमान की बात करें तो पूर्वी भारत में अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में लगभग 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक बढ़ोतरी होने के आसार हैं, जबकि उसके बाद कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखेगा। देश के अन्य हिस्सों में न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय परिवर्तन की संभावना नहीं है।
छाया रह सकता है घना कोहरा
अधिकतम तापमान के बारे में मौसम विभाग का कहना है कि, कोंकण-गोवा और तटीय कर्नाटक में अगले 24 घंटों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, इसके बाद आगामी चार दिनों में इसमें 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है और फिर तापमान सामान्य रूप से स्थिर बना रह सकता है। इसके अलावा, मेघालय में 11 फरवरी तक सुबह के समय कुछ स्थानों पर घने कोहरे की स्थिति बने रहने की संभावना है। आशंका है कि, मौसम का ऐसा हाल 20 फरवरी तक रह सकता है।
क्या है तापमान का पूर्वानुमान?
वेदर रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 3 दिनों में पूर्वी भारत में मिनिमम टेम्परेचर में धीरे-धीरे लगभग 2-3°C की बढ़ोतरी हो सकती है और उसके बाद कोई खास बदलाव नहीं होगा। देश के बाकी हिस्सों में मिनिमम टेम्परेचर में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है। अगले 24 घंटों में कोंकण और गोवा और तटीय कर्नाटक में ज़्यादा से ज़्यादा तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है और अगले 4 दिनों में तापमान में धीरे-धीरे 2-3°C की बढ़ोतरी होगी और उसके बाद कोई खास बदलाव नहीं होगा।
FAQs
आने वाले दिनों में किन राज्यों में बारिश या बर्फबारी हो सकती है?
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अलग-अलग दिनों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी होने के आसार हैं।
