UP DGP Prashant Kumar: उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार को एक नई जिम्मेदारी दी गई है। योगी सरकार के भरोसेमंद अफसरों में उनका नाम गिना जाता है। एक बड़े फैसले के साथ आईपीएस प्रशांत कुमार को यूपी पुलिस के नए कार्यवाहक डीजीपी का पद दिया गया है। प्रशांत कुमार को उनके योगदान के लिए राष्ट्रपति द्वारा वीरता पुरस्कार भी दिया गया था। बता दें कि आईपीएस प्रशांत कुमार यूपी के लोगों में सिंघम के नाम से जाने जाते हैं। मंगलवार को हुए प्रशासन के फेरबदल में 85 आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया था और अब प्रशांत कुमार को प्रदेश का कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया है। जानकारी के लिए बता दें कि डीजीपी प्रशांत कुमार को एक महीने पहले दिसंबर 2023 में प्रमोशन दिया गया था। तब उन्हें यूपी पुलिस का नया एडीजी बनाया गया था। उसके बाद अब 1 महीने के भीतर उन्हें पुनः प्रमोशन देते हुए यूपी का कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया है।
आईपीएस प्रशांत कुमार ने मारी बाजी
डीजीपी पद के लिए प्रशांत कुमार सहित कई लोगों का नाम चर्चा में था। इसमें सीबीसीआईडी आनंद कुमार, डीजी भर्ती बोर्ड रेणुका मिश्रा, डीजी कारागार एसएन साबत और डीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार शामिल थे। इन सभी अधिकारियों के बीच कार्यवाहक डीजीपी के पद के लिए प्रशांत कुमार ने बाजी मारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार लोकसभा चुनाव 2024 नए कार्यवाहक डीजीपी के नेतृत्व में कराया जाएंगे।
300 से ज्यादा एनकाउंटर करने वाले प्रशांत कुमार
प्रशांत कुमार 1990 बैच के एक आईपीएस ऑफिसर है, जिन्हें हाल ही में कार्यवाहक डीजीपी के पद पर नियुक्त किया गया है। मूल रूप से ये बिहार के सिवान के निवासी है। मीडिया रिपोर्ट की माने तो प्रशांत कुमार ने अपने कार्यकाल में 300 से अधिक एनकाउंटर किए हैं। जानकारी के अनुसार प्रशांत कुमार को 2020 और 2021 में राष्ट्रपति द्वारा वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें दिसंबर 2023 में ही एडीजी के पद पर नियुक्त किया गया था और देखते ही देखते 1 महीने के भीतर उन्हें कार्यवाहक डीजीपी के पद पर नियुक्त किया गया है।
