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उत्तर भारत में भीषण गर्मी का टॉर्चर, तो 14 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट; बढ़ी 'सुपर अल-नीनो' की आशंका, Monsoon सीजन में सूखे का मंडरा रहा संकट

Monsoon Update: देश में मौसम का दोहरा रूप देखने को मिल रहा है। यूपी के बांदा में पारा 48 डिग्री पहुंच गया है और दिल्ली-NCR में हीटवेव का रेड अलर्ट है। दूसरी तरफ, IMD ने अगले 12 घंटों में बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर समेत 14 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं 'सुपर अल-नीनो' का खतरा भी मंडरा रहा है।

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सुपर अल-नीनो की आशंका के बीच बढ़ा देश का पारा

Photo : Times Now Digital

Aaj Ka Mausam Monsoon Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर एक साथ कई बड़ी चेतावनियां और भविष्यवाणियां जारी की हैं। वर्तमान में उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाके गंभीर हीटवेव (Heatwave) की चपेट में हैं, जहां दिन के साथ-साथ रातें भी बेहद गर्म होने लगी हैं। उत्तर प्रदेश का बांदा जिला इस समय 48 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 72 घंटों के भीतर एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक साथ सक्रिय हो रहे हैं, जिससे 13 से 14 राज्यों में 70 से 100 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और भारी बारिश होने की संभावना है। आइए राज्यवार मौसम का हाल जानते हैं।

दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश

दिल्ली में 22-24 मई तक भीषण लू का ऑरेंज अलर्ट है। तापमान 46 से 47 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। हालांकि, 22 मई की रात और 23 मई के वीकेंड से बादलों की आवाजाही शुरू होगी, जिससे धूल भरी आंधी और हल्की बूंदाबांदी की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां भी 22-27 मई तक लगातार लू का प्रकोप रहेगा। बुंदेलखंड के बांदा में पारा 48 डिग्री पर है, जबकि कानपुर, प्रयागराज, झांसी, वाराणसी, आगरा और नोएडा में भीषण हीटवेव चल रही है। दोपहर 11 से शाम 4 बजे तक लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है।

राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब और हरियाणा

राजस्थान के जैसलमेर, बीकानेर और कोटा में भीषण लू का अलर्ट है, जबकि जोधपुर में धूल भरी आंधी चल सकती है। गंगानगर और हनुमानगढ़ में हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। वहीं मध्य प्रदेश के भोपाल, ग्वालियर और छतरपुर में दिन के साथ-साथ रातें भी बेहद गर्म हो गई हैं, जिससे लोगों को चौबीसों घंटे उमस और तपिश झेलनी पड़ रही है। पंजाब और हरियाणा के हिसार, पटियाला और चंडीगढ़ में पारा 45 डिग्री के पास है। वीकेंड पर यहां आंधी और बारिश का पूर्वानुमान है।

बिहार और झारखंड में आंधी-बारिश का अलर्ट

बिहार के पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया समेत कई जिलों में अगले कुछ घंटों में 50 से 70 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने और ओले पड़ने की आशंका है। वहीं झारखंड के रांची, जमशेदपुर और धनबाद में भी 70 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

पहाड़ों में बर्फबारी और तूफान का खतरा

जम्मू-कश्मीर और हिमाचल की बात करें तो ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी और शिमला, मनाली, कुल्लू व कांगड़ा में तेज आंधी के साथ बारिश का अनुमान है, जम्मू के कई इलाकों में आंधी बारिश का दौर शुरू हो चुका है। उत्तराखंड के देहरादून और नैनीताल में भी ओलावृष्टि की चेतावनी है। वहीं पूर्वोत्तर के असम, मेघालय और सिक्किम में 80 से 100 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाले तूफानी हवाओं और भारी बारिश का अलर्ट है, जिससे भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।

बेंगलुरु में बारिश, 26 मई तक केरल में मानसून आने की उम्मीद (Monsoon Update 2026)

IMD के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार काफी तेज बनी हुई है। मानसून के अगले 3-4 दिनों में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक सीएस पाटिल ने बताया कि 26 मई तक मानसून केरल में दस्तक दे सकता है। अगर इसकी गति यही रही, तो यह इस बार समय से पहले आ सकता है। जून के पहले सप्ताह में इसके कर्नाटक में प्रवेश करने की उम्मीद है। बेंगलुरु में अभी से प्री-मानसून के तहत येलो अलर्ट जारी है और वहां भारी बारिश दर्ज की जा रही है। पिछले 20 घंटों में श्रीलंका के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई है क्योंकि दक्षिण-पश्चिम मानसून द्वीप पर तेजी से सक्रिय हो रहा है।

बढ़ी 'सुपर अल-नीनो' की संभावना, सूखा और कमजोर मानसून का डर

एक तरफ जहां मानसून समय से पहले आ रहा है, वहीं अमेरिकी मौसम एजेंसी 'नेशनल ओशेनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिद्रता' (NOAA) ने एक बेहद डरावनी रिपोर्ट जारी की है। इस साल मई से जुलाई के बीच 'सुपर अल-नीनो' (Super El Niño) के एक्टिव होने की संभावना 61% से बढ़कर 82% हो गई है।

क्या होता है अल-नीनो और इसका असर?

जब प्रशांत महासागर का तापमान असामान्य रूप से गर्म हो जाता है (वर्तमान में यह सामान्य से +0.5 से +0.9 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर चल रहा है), तो वह भारत की तरफ आने वाली मानसूनी हवाओं और नमी को सोख लेता है या कमजोर कर देता है। इसके प्रभाव से जुलाई के बाद भारत में बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र बनने बंद हो जाएंगे और देश में सूखा पड़ने की आशंका बढ़ जाएगी।

कौन से इलाके सबसे ज्यादा जोखिम में हैं?

Nature पत्रिका की एक नई स्टडी के मुताबिक, ग्लोबल वार्मिंग के कारण अब सालभर बराबर बारिश होने के बजाय कुछ ही दिनों में तेज तूफानी बारिश हो जाती है, जिससे मिट्टी पानी सोख नहीं पाती और बाकी के महीने लंबे समय तक सूखे (Dry Spell) रह जाते हैं। इस सुपर अल-नीनो के कारण पंजाब, हरियाणा और राजस्थान अगस्त और सितंबर के दौरान सूखे के प्रति सबसे संवेदनशील माने जा रहे हैं। वहीं मध्य प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर और सागर संभागों में सामान्य से काफी कम बारिश होने का अनुमान है, जिससे कृषि और फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। हालांकि, लद्दाख और तेलंगाना जैसे क्षेत्रों में इसका असर थोड़ा कम होगा।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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