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Maharashtra Weather: विदर्भ में हीटवेव का रेड अलर्ट; पुणे-कोल्हापुर सहित मध्य महाराष्ट्र में छाए बादल, जानें आपके शहर में कब होगी प्री-मानसून बारिश

Maharashtra Weather Update 22 May: महाराष्ट्र में मौसम का दोहरा संकट जारी है। विदर्भ के अकोला, अमरावती और वर्धा में भीषण लू का 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है। वहीं, पुणे और कोल्हापुर सहित मध्य महाराष्ट्र में बारिश का अनुमान है।

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पुणे-कोल्हापुर में आज गरजेंगे बादल

Photo : Times Now Digital

Maharashtra Weather Update: महाराष्ट्र में मौसम के दो विपरीत रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ विदर्भ क्षेत्र में आसमान से आग बरस रही है, तो दूसरी तरफ मध्य महाराष्ट्र में बादलों के डेरे के साथ बारिश के अनुकूल माहौल बना हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, विदर्भ में लू (Heatwave) की तीव्रता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। गुरुवार (21 मई 2026) को विदर्भ के चंद्रपुर जिले के ब्रह्मपुरी में रिकॉर्ड 47.1 डिग्री सेल्सियस उच्चतम तापमान दर्ज किया गया, जिसने मई महीने की तपिश के पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

विदर्भ के इन जिलों में रेड अलर्ट (Vidarbha Heatwave IMD Alert)

लगातार बढ़ते पारे को देखते हुए मौसम विभाग ने विदर्भ के अकोला, अमरावती और वर्धा जिलों में अगले तीन दिनों के लिए भीषण लू (Severe Heatwave) का 'रेड अलर्ट' (लाल चेतावनी) जारी किया है। इसके ठीक बाद अगले दो दिनों तक इन जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' रहेगा। इसके अलावा नागपुर, चंद्रपुर और वर्धा में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है, जबकि यवतमाल, भंडारा और गोंदिया में भी पारा 45 डिग्री के ऊपर बना हुआ है। इन सभी जिलों (यवतमाल, नागपुर, गढ़चिरोली, गोंदिया और चंद्रपुर) में अगले पांच दिनों तक भीषण गर्मी का कहर जारी रहने की चेतावनी दी गई है। आमतौर पर मई के आखिरी हफ्ते में दिखने वाला यह रौद्र रूप इस बार मई के तीसरे हफ्ते में ही सामने आ गया है।

मध्य महाराष्ट्र में गरज के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद (Konkan Pune Thane Rain Today)

विदर्भ के विपरीत, मध्य महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र के नागरिकों के लिए थोड़ी राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के मुताबिक, इन क्षेत्रों में बारिश के लिए हवाएं अनुकूल हो चुकी हैं। अगले 5 दिन कोल्हापुर, सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी जिलों में अगले पांच दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने और बिजली कड़कने के साथ हल्की से मध्यम बारिश (Pre-monsoon Rain) का पूर्वानुमान है। पुणे, सतारा, सांगली और सोलापुर जिलों में भी कुछ स्थानों पर गरज के साथ अचानक तेज बौछारें पड़ने की आशंका जताई गई है। ठाणे, रायगढ़, नासिक, अहमदनगर (अहिल्यानगर), बीड, लातूर और धराशिव जिलों में अगले तीन दिनों तक हल्की बारिश हो सकती है।

मानसून की चाल धीमी, लेकिन हालात अनुकूल (Monsoon Update 2026)

केरल और महाराष्ट्र की तरफ बढ़ने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून की यात्रा में फिलहाल थोड़ी देरी देखी जा रही है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। अगले 3 से 4 दिनों में मानसून के अंडमान सागर के बचे हुए हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर, कोमोरिन क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी के मध्य व पूर्वी हिस्सों को कवर करने की प्रबल संभावना है।

क्या इस साल सूखा और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ढाएगी कहर? (El Nino Effect 2036)

इस स्थानीय मौसम के बीच, दुनिया भर के मौसम वैज्ञानिकों ने साल 2026 की जलवायु को लेकर एक बेहद डरावनी चेतावनी जारी की है। प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) के पानी में तेजी से असामान्य तापमान बढ़ रहा है, जिसके कारण 'सुपर अल नीनो' (Super El Nino) के सक्रिय होने की पूरी आशंका है। स्पैनिश भाषा में एल नीनो का मतलब "छोटा बच्चा" होता है। सामान्य दिनों में इंडोनेशिया की तरफ का समुद्री जल गर्म और दक्षिण अमेरिका के पास का जल ठंडा होता है, जिससे पूर्व से पश्चिम चलने वाली हवाएं भारत में भारी मानसून लाती हैं। लेकिन जब यह संतुलन बिगड़ता है, तो प्रशांत महासागर का तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री या उससे ज्यादा बढ़ जाता है। हवाएं कमजोर हो जाती हैं और एशिया व भारत की तरफ आने वाले मानसूनी बादल कम हो जाते हैं, जिससे सूखा पड़ता है और गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।

वर्तमान स्थिति क्यों खतरनाक है?

वैज्ञानिकों के अनुसार, मध्य प्रशांत महासागर का तापमान इस समय तेजी से बढ़कर +0.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। यदि यह विसंगति 2 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाती है, तो इसे 'सुपर एल नीनो' कहा जाएगा। इससे पहले 1982, 1997 और 2015 में ऐसा विनाशकारी सुपर अल नीनो देखा गया था, जब भारत में भारी सूखा पड़ा था। चूंकि पृथ्वी पहले से ही ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) के कारण गर्म है, ऐसे में सुपर एल नीनो का यह प्रभाव उत्तर भारत, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली और महाराष्ट्र के कृषि व जल आपूर्ति तंत्र को पूरी तरह संकट में डाल सकता है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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