अहमदाबाद : अहमदाबाद को जोड़ने वाला 53 साल पुराना सुभाष ब्रिज अब पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा। पहले केवल ब्रिज के क्षतिग्रस्त हिस्से को मजबूत करने की योजना थी, लेकिन हाल ही में आई विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद अब पूरा नया 8-लेन ब्रिज बनाने का निर्णय लिया गया है। इस परियोजना पर करीब ₹241 करोड़ खर्च होने का अनुमान है, जबकि पुराने ब्रिज को तोड़ने पर लगभग ₹5 से ₹7 करोड़ का खर्च आएगा।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, दिसंबर 2025 में ब्रिज में दरारें दिखाई देने के बाद इसकी विस्तृत जांच कराई गई। प्रारंभिक निरीक्षण में केवल पियर और वेल फाउंडेशन को मजबूत कर सुपर स्ट्रक्चर दोबारा बनाने की योजना बनाई गई थी। इसी आधार पर ईपीसी मोड पर टेंडर भी जारी किया गया था।
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हालांकि, डिमोलिशन और विस्तृत परीक्षण के दौरान स्टील में जंग, वेल फाउंडेशन की स्थिति और अन्य संरचनात्मक कमियां सामने आईं। इसके बाद IIT रुड़की, IIT गांधीनगर और दिल्ली के स्ट्रक्चरल विशेषज्ञ महेश टंडन से राय ली गई। तीनों विशेषज्ञों ने एकमत से सलाह दी कि 53 साल पुराने ढांचे को मजबूत करने के बजाय नया ब्रिज बनाना अधिक सुरक्षित और दीर्घकालिक समाधान होगा।
पोर्टल फ्रेम डिजाइन पर बनाया जाएगा नया ब्रिज
अहमदाबाद नगर निगम के सिटी इंजीनियर ऋषि पंड्या ने बताया कि नया ब्रिज पोर्टल फ्रेम डिजाइन पर बनाया जाएगा, जिससे लगभग 100 वर्षों की संरचनात्मक आयु सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि पहले के अनुमानित ₹236 करोड़ के मुकाबले अब परियोजना लागत केवल 4 से 5 करोड़ रुपये बढ़कर करीब ₹241 करोड़ होगी।
गंभीरा ब्रिज हादसे के बाद हुई जांच में सुभाष ब्रिज को सुरक्षित बताए जाने पर उठ रहे सवालों पर ऋषि पंड्या ने कहा कि उस समय नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्ट (NDT) में केवल मामूली प्लास्टर क्रैक मिले थे और कोई गंभीर संरचनात्मक कमजोरी सामने नहीं आई थी। उनके अनुसार, बाद में दरारें अचानक विकसित हुईं, जिसके तुरंत बाद एहतियात के तौर पर ब्रिज को यातायात के लिए बंद कर दिया गया था।
नगर निगम के मुताबिक, परियोजना की कुल समयसीमा 24 महीने ही रहेगी। हालांकि, पहले जहां पुराने ढांचे के कुछ हिस्सों को बचाकर अपेक्षाकृत जल्दी यातायात शुरू करने की योजना थी, अब पूरा नया ब्रिज बनने के कारण यातायात बहाल होने में लगभग 4 से 5 महीने अतिरिक्त लग सकते हैं।
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