Kanpur News: कानपुर में करीब चार दशक पुराने एक आपराधिक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो गिरफ्तारी से बचने के लिए साधु का वेश धारण कर बरेली में आश्रम बनाकर रह रहा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान कन्नौज निवासी रामप्रकाश के रूप में हुई है। वह वर्ष 1986 से अदालत की कार्रवाई से बचता आ रहा था और उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी था।
40 हजार रुपये की लूट और हत्या के प्रयास का केस
मामला कानपुर के फजलगंज थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, वर्ष 1986 में अशोक सोनी ने 40 हजार रुपये की लूट और हत्या के प्रयास से संबंधित मुकदमा दर्ज कराया था। जांच के दौरान पुलिस ने काकादेव नई बस्ती निवासी रामप्रकाश को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। रामप्रकाश मूल रूप से कन्नौज जिले के गुरसहायगंज क्षेत्र के नौसेरा गांव का रहने वाला था।
अदालत में होने वाली सुनवाई में नहीं हुआ पेश
जेल से जमानत मिलने के बाद रामप्रकाश अदालत में होने वाली सुनवाई में पेश नहीं हुआ और अचानक लापता हो गया। इसके बाद कोर्ट ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए, लेकिन करीब 40 सालों तक पुलिस उसकी तलाश करती रही। हाल ही में अदालत की ओर से डीसीपी सेंट्रल को तलब किए जाने के बाद पुलिस ने मामले की जांच दोबारा तेज की।
बरेली में आश्रम चला रहा था आश्रम
पुलिस टीम ने रामप्रकाश के पैतृक गांव पहुंचकर उसके बारे में जानकारी जुटाई। वहां पता चला कि वह साधु बन चुका है और बरेली में आश्रम संचालित कर रहा है। इसके बाद पुलिस ने सोशल मीडिया और सर्विलांस की मदद से उसकी तलाश शुरू की। जांच के दौरान बरेली स्थित उसके आश्रम का फेसबुक अकाउंट पुलिस के हाथ लगा। अकाउंट पर आश्रम की तस्वीरें और पता उपलब्ध था।
'पागल बाबा' के नाम से रह रहा था यहां
जानकारी की पुष्टि के बाद कानपुर पुलिस की टीम बरेली पहुंची और आश्रम से रामप्रकाश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, वह वहां 'पागल बाबा' के नाम से रह रहा था। 5 अक्टूबर को गिरफ्तारी के बाद उसे कानपुर लाकर जेल भेज दिया गया। हालांकि, बाद में अदालत से उसे जमानत मिल गई।
