Maharashtra News: महाराष्ट्र में डायमंड इंडस्ट्रियल एस्टेट स्थित जी.एस.एम. फॉइल्स लिमिटेड के पार्टनर मोहनसिंह लक्ष्मणसिंह परमार की हत्या की कोशिश के मामले में वालीव पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए आर्थिक लाभ के लिए रची गई साजिश का पर्दाफाश किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि करीब ₹32 करोड़ के लेन-देन और कंपनी पर पूरी तरह कब्जा करने की फिराक से इस हमले की साजिश रची गई थी।
मामले में मुख्य साजिशकर्ता सागर गिरीश भानुशाली समेत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक वालीव पुलिस थाना क्षेत्र स्थित जी.एस.एम. फॉइल्स लिमिटेड, डायमंड इंडस्ट्रियल एस्टेट, वसई (पूर्व) में 24 जुलाई 2026 को कंपनी के पार्टनर मोहनसिंह लक्ष्मणसिंह परमार पर पिस्तौल से गोली चलाकर हत्या का प्रयास किया गया था। इस मामले में वालीव पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1), 3(5), भारतीय शस्त्र अधिनियम की धारा 3, 25, 27 तथा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1), 135 के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस जांच में क्या सामने?
पुलिस जांच में सामने आया कि घायल मोहनसिंह परमार और आरोपी सागर गिरीश भानुशाली जी.एस.एम. फॉइल्स लिमिटेड कंपनी के पार्टनर हैं। सागर भानुशाली ने शेयर बाजार में भारी निवेश किया था, लेकिन अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आने से उसे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ और वह भारी कर्ज में डूब गया। आर्थिक संकट से निकलने के लिए उसने मोहनसिंह परमार को कंपनी में उनके हिस्से के शेयर बेचने के लिए तैयार किया। इसके बाद परमार ने सागर भानुशाली को लगभग ₹32 करोड़ का भुगतान किया। जांच में खुलासा हुआ कि अगर मोहनसिंह परमार की हत्या हो जाती तो यह रकम लौटाने की जिम्मेदारी खत्म हो जाती और कंपनी पर पूरा नियंत्रण हासिल कर आरोपी को बड़ा आर्थिक फायदा मिलता। ऐसे में इसी मकसद से हत्या की साजिश रची गई।
आरोपियों को किया गया यहां से गिरफ्तार
24 जुलाई 2026 की शाम आरोपी सुजीत देवेंद्रभाई पांडे और अनूप वीरेंद्र प्रजापति मोटरसाइकिल से घटनास्थल पर पहुंचे। जैसे ही मोहनसिंह परमार कंपनी से बाहर निकले, सुजीत पांडे ने बेहद नजदीक से उन पर गोली चला दी। दूसरी गोली नहीं चलने पर उसने पिस्तौल की बट से उनके सिर पर हमला किया और अनूप प्रजापति के साथ मौके से फरार हो गया। घायल मोहनसिंह परमार को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी सफल सर्जरी हुई। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। तकनीकी विश्लेषण, सीडीआर, आईपीडीआर, सीसीटीवी फुटेज, गुप्त सूचना और स्थानीय मुखबिरों की मदद से आरोपियों के उत्तर प्रदेश में छिपे होने की जानकारी मिली। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति से वालीव पुलिस का विशेष दल उत्तर प्रदेश रवाना हुआ। पुलिस ने मनोज मूलचंद ठठेरा (27) निवासी देवगांव नगर, तहसील लालगंज, जिला आजमगढ़ को 30 जुलाई 2026 की रात 12:50 बजे उसके गांव से गिरफ्तार किया। वहीं सुजीत देवेंद्रभाई पांडे (38) निवासी पुरा फरदाहा, तहसील बेलथारा, जिला बलिया को उसी दिन शाम 7 बजे पुरा चट्टी मार्केट, फरदाहा से गिरफ्तार किया गया।
