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दुनिया का पहला मोबाइल फोन: 1.1 Kg वजन,10 घंटे में होता था रिचार्ज,आज खरीदते तो 8 लाख में मिलता

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Apr 3, 2023, 01:05 PM IST

World First Mobile Phone : दुनिया का पहला मोबाइल फोन मोटोरोला ने दुनिया को दिया। लेकिन इसकी राह नोकिया ने दिखाई थी। उसने साल 1947 में कार फोन लांच किया था। जो कि पहला वायरलेस फोन था, जो कार में लगा होता था। इस फोन का अमीरों में काफी क्रेज था।

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50 साल 3 अप्रैल को पेश हुआ था दुनिया का पहला मोबाइल फोन

Photo : BCCL

World First Mobile Phone and its History: 3 अप्रैल का दिन दुनिया के इतिहास में टेलिकॉम की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक है। इसी दिन 3 अप्रैल 1973 अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में दुनिया का पहला मोबाइल फोन लांच हुआ था। इस फोन को मोटोरोला (Motorola) ने बनाया था। और इसका बनाने का श्रेय कंपनी के कर्मचारी मार्टिन कूपर को मिला था। 50 साल पहले कूपर की यह उपलब्धि कितनी बड़ी थी, इसे इस तरह समझा जाता है कि आज के दौर में बिन मोबाइल फोन के जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। इसलिए मार्टिन कूपर को फादर ऑफ द सेल फोन भी कहा जाता है।

पहले मोबाइल फोन का था ये नाम

मोटोरोला ने जिस मोबाइल फोन को पेश किया था । उसका नाम DynaTAC 8000X था। वर्सेंज डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार मोटोरोला ने जिस फोन को पेश किया था, उसका वजन करीब 1.1 किलोग्राम था। और उसकी लंबाई-चौड़ाई (23 x 13 x 4.5 cm)थी। इस फोन पर केवल 30 मिनट का टॉक टाइम मिला था। और उसे रिचार्ज होने में 10 घंटे लगते थे। हालांकि आम लोगों के हाथ आने में मोबाइल फोन को 10 साल लग गए। क्योंकि मोटोरोला ने जो फोन 1973 में पेश किया था, वह प्रोटोटाइप था। और उसके 10 साल बाद 1983 में कंपनी ने आम लोगों के लिए इसी फोन को लांच किया। उस वक्त इसकी कीमत 3995 डॉलर थी। और आज के आधार पर देखा जाय तो इसकी कीमत 1000 डॉलर यानी करीब 8 लाख रुपये बनती है।

लेकिन कूपर दुखी

भले ही मोबाइल ने दुनिया भर में क्रांति ला दी है। लेकिन 50 साल जिस शख्स ने इसे दुनिया के सामने पेश किया वहीं दुखी है। उन्होंने एक इंटरव्यू में हाल ही में कहा है कि मोबाइल अपार संभावनाओं वाला है और एक दिन ये लोगों का इलाज भी करने लगेगा। लेकिन अब लोग फोन्स को लेकर कुछ ज्यादा ही पागल हुए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं उस समय बहुत दुखी हो जाता हूं जब भी कोई व्यक्ति सड़क पार करते समय मोबाइल देख रहा होता है और उसका ध्यान और कहीं नहीं होता।

नोकिया ने दिखाई राह

भले ही दुनिया का पहला मोबाइल फोन मोटोरोला ने दुनिया को दिया। लेकिन इसकी राह नोकिया ने दिखाई थी। उसने साल 1947 में कार फोन लांच किया था। जो कि पहला वायरलेस फोन था, जो कार में लगा होता था। इस फोन का अमीरों में काफी क्रेज था। लेकिन इसकी अपनी सीमाएं थी। और वह कार से ही ऑपरेट हो सकता था। लेकिन कार फोन ने वायरलेस फोन की राह जरूर दिखा दी, जिसे 1973 में मोटोरोला ने पूरा किया।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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