Wipro To Implement Hybrid Work Model: भारत की टॉप सॉफ्टवेयर सर्विसेज कंपनियों में से एक विप्रो (Wipro) ने एक अनिवार्य हाइब्रिड वर्क पॉलिसी (Hybrid Work Policy) शुरू की है। इस नए नियम के तहत कंपनी के कर्मचारियों को हर हफ्ते कम से कम तीन दिन ऑफिस से काम करना होगा।
विप्रो का नया नियम 15 नवंबर 2023 से प्रभावी होने जा रहा है। कंपनी ने यह फैसला टीसीएस (TCS) और इंफोसिस (Infosys) सहित प्रमुख भारतीय आईटी कंपनियों के बीच बढ़ते ट्रेंड के मद्देनजर लिया है। कंपनी के अनुसार इस बदलाव का मकसद टीम वर्क को बढ़ाना और व्यक्तिगत बातचीत को बढ़ावा देना है।
3 दिन जरूर आना है ऑफिस
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार इस पॉलिसी चेंज के बारे में कर्मचारियों को 6 नवंबर, 2023 को भेजे गए एक ईमेल बताया गया। विप्रो के चीफ एचआर ऑफिसर के अनुसार सौरभ गोविल के मुताबिक हाइब्रिड वर्क मॉडल का फैसला फेस-टू-फेस कोलैबोरेशन को बढ़ावा देने, विप्रो के कॉर्पोरेट कल्चर को मजबूत करने और अधिक प्रभावी कम्युनिकेशन की सुविधा के लिए डिज़ाइन किया गया है।
लिया जा सकता है एक्शन
यदि कर्मचारी ऑफिस नहीं आते हैं, तो उनके खिलाफ एक्शन लिया जा सकता है। विप्रो ने अपने कर्मचारियों से कहा कि अगर वे नई वर्क पॉलिसी का पालन नहीं करते हैं, तो 7 जनवरी, 2024 से इसके परिणाम भुगतने होंगे।
यदि कर्मचारी नियमों को फॉलो करते हुए ऑफिस नहीं आएंगे तो वे विश्वास खो सकते हैं, काम की क्वालिटी खराब हो सकती है, और वे अधिक तनाव महसूस कर सकते हैं। विप्रो भी उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।
कोरोना काल के बाद बदला काम करने का तरीका
महामारी के बाद वर्किंग कल्चर में जो बदलाव आ रहा है, उसी के लिहाज से विप्रो यह बदलाव कर रही है। विप्रो चाहती है कि कर्मचारी सप्ताह में तीन दिन ऑफिस में काम करें ताकि उन्हें अपनी टीमों से जुड़ने में मदद मिल सके।
कई अन्य आईटी कंपनियां भी इसी तरह के बदलाव कर रही हैं क्योंकि वे अपने कर्मचारियों की इच्छा के अनुरूप बदलाव कर रही हैं।
