Bitcoin Future Prediction: फेमस अर्थशास्त्री पीटर शिफ ने दावा किया है कि "बिटकॉइन का जन्म 2008 के वित्तीय संकट से हुआ था, और 2025 का वित्तीय संकट इसे खत्म कर देगा।" शिफ का यह बयान तब आया है जब 7 अप्रैल को हुए शेयर बाजार में भारी गिरावट (जिसे 'ब्लैक मंडे' कहा जा रहा है) और अमेरिकी राष्ट्रपति के 90-दिनों टैरिफ पर रोक लगाने के बाद वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है। शिफ ने बिटकॉइन की जनवरी से 27% की गिरावट की आलोचना की, जो इसकी अस्थिरता को दर्शाता है।
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''बिटकॉइन निवेशकों के लिए जोखिम भरा''
शिफ ने हाल ही में 6 मार्च को शुरू हुए अमेरिकी स्ट्रैटेजिक बिटकॉइन रिजर्व की भी आलोचना की, जो लॉन्च के बाद 12% से अधिक वैल्यू गंवा खो चुका है। उनका तर्क है कि इन होल्डिंग्स को सोने में बदलने से 2% का लाभ मिलता। यानी सोने में निवेश फायदेमंद होता।
उन्होंने 9 अप्रैल को सोने की कीमतों में $90 की तेजी के साथ सोने के 3,175 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर की तुलना बिटकॉइन की गिरावट से की, जो सोने की स्थिरता को दर्शाती है। शिफ का मानना है कि बिटकॉइन निवेशकों के लिए जोखिम भरा है।
क्रिप्टो दिग्गजों पर तंज
शिफ ने क्रिप्टो सेक्टर के दिग्गजों पर भी निशाना साधा। उन्होंने माइकल सेलर की माइक्रोस्ट्रैटजी निवेश की खिल्ली उड़ाई और भविष्यवाणी की कि ईथरियम, जो रातोंरात 1,500 डॉलर से नीचे 20% गिरकर 1,400 डॉलर के करीब पहुंच गया, जल्द 1,000 डॉलर के नीचे आ सकता है।
उनका कहना है कि बिटकॉइन और अन्य डिजिटल संपत्तियों की गिरावट पारंपरिक सुरक्षित निवेश की तुलना में इनकी कमजोरी को उजागर करती है।
डॉलर और बाजार की स्थिति
शिफ ने डॉलर की हालत पर भी सवाल उठाए, जो 9 अप्रैल को यूरो और येन के मुकाबले 2.3% और स्विस फ्रैंक के मुकाबले 3.9% गिरा। उन्होंने पूछा कि क्या अमेरिका "ट्रेड वॉर" जीत रहा है, क्योंकि सोने के शेयर 5% चढ़े और ट्रेजरी यील्ड में उछाल आया। उनका मानना है कि यह आर्थिक अस्थिरता का संकेत है, जो सोने की मांग बढ़ा रही है।
स्टैगफ्लेशन और बहस
स्टैगफ्लेशन (महंगाई के कारण उत्पन्न हुई मंदी) की आशंका और बढ़ते व्यापार तनाव के बीच शिफ का गोल्ड वाला नजरिया बेहतर माना जा रहा है। उनका तर्क है कि पारंपरिक सुरक्षित निवेश जैसे सोना डिजिटल संपत्तियों से बेहतर हैं। यह बहस तेज हो गई है कि बिटकॉइन असुरक्षित आर्थिक माहौल में अपनी भूमिका निभा सकता है या नहीं।
