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Indane, HP और Bharat Gas की सब्सिडी क्यों नहीं आ रही है?

अगर आपके खाते में इंडेन, एचपी या भारत गैस की सब्सिडी नहीं आ रही है, तो इसके पीछे आधार-बैंक लिंकिंग फेल होना, पेंडिंग e-KYC या आपकी सालाना आय का 10 लाख रुपये से अधिक होना मुख्य वजह हो सकती है।

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LPG gas Cylinder

भारत में घरेलू रसोई गैस (LPG) का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी(LPG Subsidy) एक बड़ी राहत होती है। हर महीने जब लोग इंडेन, एचपी या भारत गैस का सिलेंडर बुक करते हैं, तो उनके तय नियम के मुताबिक सब्सिडी की रकम सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है। लेकिन पिछले कुछ समय से बहुत से उपभोक्ताओं की यह शिकायत आ रही है कि उनके गैस सिलेंडर की सब्सिडी अचानक बंद हो गई है या लंबे समय से बैंक खाते में नहीं आई है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं और जानना चाहते हैं कि आपकी LPG की सब्सिडी क्यों रुकी हुई है, तो इसके पीछे सरकार और तेल कंपनियों द्वारा लागू किए गए कुछ कड़े नियम और आपकी कुछ छोटी गलतियां हो सकती हैं।

क्यों नहीं आई सब्सिडी?

सब्सिडी न आने का सबसे पहला और मुख्य कारण आधार कार्ड और बैंक खाते का आपस में लिंक न होना (Aadhaar-Bank Mapping) है। सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) स्कीम के तहत सब्सिडी का पैसा सीधे आपके आधार कार्ड से जुड़े बैंक खाते में भेजती है। कई बार उपभोक्ताओं का बैंक खाता तो चालू होता है, लेकिन उनका आधार कार्ड उस खाते से एनपीसीआई (NPCI) मैपिंग के जरिए नहीं जुड़ा होता है। अगर आपका आधार और बैंक अकाउंट आपस में सही तरीके से लिंक नहीं हैं, तो सरकारी सिस्टम आपके खाते में सब्सिडी ट्रांसफर नहीं कर पाता है। इसके अलावा, अगर आपने हाल ही में अपना बैंक खाता बदला है या पुराना खाता बंद हो गया है, तो भी आपकी सब्सिडी अटक सकती है।

KYC भी है बड़ा कारण

दूसरा सबसे बड़ा कारण एलपीजी कनेक्शन की ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया का पूरा न होना है। सरकार ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने और फर्जी कनेक्शनों को खत्म करने के लिए सभी गैस उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक या आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी है। अगर आपने अपने नजदीकी गैस वितरक (Distributor) के पास जाकर या अपनी गैस कंपनी के आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए अंगूठे का निशान या चेहरा स्कैन करवाकर केवाईसी अपडेट नहीं कराया है, तो तेल कंपनियों ने आपके कनेक्शन को 'सस्पेक्टेड' यानी संदिग्ध श्रेणी में डाल दिया है। ऐसे कनेक्शनों की सब्सिडी तुरंत प्रभाव से रोक दी गई है और लापरवाही बरतने पर कनेक्शन ब्लॉक भी किया जा रहा है।

इनकम टैक्स नियम भी है कारण

इन तकनीकी कारणों के अलावा, सालाना आय (Annual Income) का नियम भी सब्सिडी रुकने की एक बड़ी वजह है। सरकार के मौजूदा नियमों के मुताबिक, जिन परिवारों या उपभोक्ताओं की सालाना कमाई (Taxable Income) 10 लाख रुपये या उससे अधिक है, वे रसोई गैस पर सब्सिडी पाने के हकदार नहीं हैं। अगर पति या पत्नी में से किसी की भी सालाना आय इस दायरे को पार करती है, तो नियमतः उनकी एलपीजी सब्सिडी बंद कर दी जाती है। कई बार टैक्स रिटर्न (ITR) के आंकड़ों के आधार पर सिस्टम स्वचालित रूप से ऐसे लोगों की सब्सिडी रोक देता है।

अगर आपकी सब्सिडी भी रुक गई है, तो इसे दोबारा शुरू कराने का तरीका बेहद आसान है। सबसे पहले आप अपनी गैस कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट (जैसे mylpg.in) पर जाकर अपना 'Subsidy Status' चेक करें। यदि वहां ई-केवाईसी पेंडिंग दिख रही है, तो तुरंत अपने गैस एजेंसी पर आधार कार्ड लेकर जाएं और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवाएं। इसके साथ ही अपने बैंक की शाखा में जाकर यह सुनिश्चित करें कि आपका खाता आधार कार्ड से डीबीटी (DBT) के लिए लिंक है या नहीं। इन आसान सुधारों को करते ही आपकी रुकी हुई एलपीजी सब्सिडी फिर से आपके खाते में आने लगेगी।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठी author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

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