बिजनेस

Stock Market Crashed: ₹14 लाख करोड़ स्वाह! शीर्ष से 3% टूटा निफ्टी, सेंसेक्स 5 दिन में 2200 अंक फिसला, ये हैं 3 वजह

Share Market Down: जनवरी 2026 का पहला पूरा सप्ताह शेयर बाजार के लिए निराशाजनक रहा है। खासतौर पर बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में पिछले पांच दिनों में 2.50 से 3 फीसदी तक की भारी गिरावट आ चुकी है। निफ्टी ने इसी वर्ष 2 जनवरी को 26,373.20 अंक के ऑल टाइम हाई पर पहुंचा। लेकिन, पिछले पांच दिन में लगातार गिरावट के चलते करीब 3 फीसदी गिर चुका है।

Image

जनवरी में ठंडा पड़ा जोश (इमेज क्रेडिट, कैन्वा)

Share market में इस पूरे सप्ताह बिकवाली हावी रही। वहीं, जनवरी में अब तक कुल सात दिन ट्रेडिंग हुई। इनमें से 1 और 2 जनवरी के सत्र को छोड़ दें, तो चौतरफा दबाव में बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी और सेंसेक्स में 2.5 से 3 फीसदी तक की गिरावट हो चुकी है। पिछले पांच सत्रों से लगातार बिकवाली के चलते शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैप में 14 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। 2 जनवरी को भारतीय बाजार की लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 48,201,715.67 रुपये रहा था। वहीं, शुक्रवार को 3 बजे यह 46,783,397.41 रह गया। इस तरह जनवरी के पीक वैल्यूएशन की तुलना में 14,18,318.26 करोड़ रुपये की कमी आ चुकी है।

कैसा रहा निफ्टी सेंसेक्स का हाल?

Sensex-Nifty दिन की शुरुआत में पॉजिटिव नोट पर खुले। लेकिन, जल्द ही चौतरफा बिकवाली के दबाव में तमाम ब्रॉड और सेक्टरल इंडेक्स के साथ ही दोनों बेंचमार्क इंडेक्स भी लाल निशान में आ गए। दिन बढ़ने के साथ ही बाजार में गिरावट बढ़ती गई। सेंसेक्स जहां दिन में अपने डे हाई से 900 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 83,576.24 अंक पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 25900 और 25700 के मेजर सपोर्ट लेवल को तोड़ते हुए 25,683 पर बंद हुआ। इसके अलावा ऑयल एंड गैस, आईटी और PSU बैंक को छोड़कर सभी सेक्टरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।

Nifty Sensex

Image Credit: Google Finance

इन तीन वजहों से टूटा बाजार

1. FII की बिकवाली

भारतीय शेयर बाजार में सबसे बड़ा दबाव विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली से आया। जनवरी की शुरुआत से ही FIIs इक्विटी से पैसा निकाल रहे हैं। इससे बाजार में लिक्विडिटी घटी और बड़े निवेशकों का सेंटिमेंट कमजोर पड़ा। घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी भी इस दबाव को पूरी तरह संतुलित नहीं कर पाई, नतीजा यह हुआ कि सेंसेक्स और निफ्टी पर तेज गिरावट देखने को मिली।

2. ट्रंप के टैरिफ पर असमंजस

अमेरिका की ओर से रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर सख्त टैरिफ लगाने की चर्चा ने बाजार में घबराहट बढ़ाई। इस कदम का असर भारत जैसे उभरते बाजारों पर पड़ सकता है। साथ ही कमजोर अमेरिकी जॉब्स डेटा और एशियाई बाजारों में गिरावट ने जोखिम से बचने की प्रवृत्ति को तेज किया। ग्लोबल संकेतों के कमजोर रहने से निवेशकों ने सुरक्षित पोजिशन लेना बेहतर समझा।

3. टेक्निकल ब्रेकडाउन

तकनीकी स्तरों पर निफ्टी 26,000 और फिर 25,950 के अहम सपोर्ट के नीचे फिसल गया। इसके साथ ही इंडेक्स 20 दिन और 50 दिन के मूविंग एवरेज से नीचे चला गया, जिससे शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के स्टॉप-लॉस ट्रिगर हुए और बाजार में एक चेन रिएक्शन शुरू हो गया। टेक्निकल ब्रेकडाउन के बाद बैंक, IT और मेटल शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली और गिरावट और गहरी हो गई।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

और पढ़ें
End of Article