Vande Bharat Sleeper train: देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का पहला परिचालन गुवाहाटी (असम) से हावड़ा (पश्चिम बंगाल) के बीच आज से शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। आइए जानते हैं कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन आम सुपरफास्ट और राजधानी ट्रेन से कैसे अलग है। इसमें दूसरे ट्रेन के मुकाबले क्या सुविधा मिलेगी।
1. पहली स्वदेशी सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन
यह भारत की पहली पूरी तरह स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनसेट है, जो ‘मेक इन इंडिया’ का मजबूत उदाहरण है।
2. पारंपरिक ट्रेनों से अलग तकनीक
वंदे भारत ट्रेन में आम सुपरफास्ट ट्रेनों से अलग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। वंद भारत में एक सेल्फ-प्रोपेल्ड इंटीग्रेटेड ट्रेन सिस्टम है, जिससे तेज एक्सेलेरेशन, कम ऊर्जा खपत और कम यात्रा समय संभव होता है।
3. यात्रा समय में 40–45% तक की बचत
वंदे भारत ट्रेन से सफर करेन पर यात्रा समय में 40 से 45 प्रतिशत तक की कमी आएगी, जिससे इंटर-सिटी कनेक्टिविटी बेहतर हुई है।
4. हाई-टेक सेफ्टी सिस्टम (KAVACH)
वंदे भारत ट्रेन में भारत में विकसित KAVACH ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है, जो टक्कर, ओवरस्पीडिंग और सिग्नल जंप से सुरक्षा देता है।
5. पैसेंजर कम्फर्ट और आधुनिक सुविधाएं
ऑटोमैटिक दरवाजे, सील्ड गैंगवे, एडवांस एसी, GPS आधारित सूचना प्रणाली, CCTV और इमरजेंसी अलार्म यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाते हैं।
6. ऊर्जा दक्ष और पर्यावरण के अनुकूल
रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग, बायो-वैक्यूम टॉयलेट और UV-C डिसइंफेक्शन जैसी सुविधाएं इसे पर्यावरण-अनुकूल बनाती हैं।
7. मौजूदा सबसे तेज ट्रेन
यह ट्रेन लगभग 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम होगी और मौजूदा सबसे तेज ट्रेन होगी। यह एक्सप्रेस की तुलना में यात्रा समय को करीब 3 घंटे कम कर देगी। जहां अभी हावड़ा से गुवाहाटी की यात्रा लगभग 17 घंटे में होती है, वहीं वंदे भारत स्लीपर यह सफर करीब 14 घंटे में पूरा करेगी।
8. स्वच्छता का खास ख्याल
स्वच्छता और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में अल्ट्रा-मॉडर्न, विशाल और हाइजीनिक टॉयलेट, एडवांस डिसइंफेक्टेंट तकनीक और हेल्थ-फ्रेंडली वातावरण सुनिश्चित किया गया है। दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं, मॉड्यूलर पैंट्री और अत्याधुनिक अग्नि सुरक्षा प्रणाली भी मौजूद है।
9. इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम
सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन में स्वदेशी कवच ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम, CCTV निगरानी, इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम और फायर सेफ्टी मैकेनिज्म लगाए गए हैं, जो यात्रियों को पूरी तरह सुरक्षित और निश्चिंत यात्रा का अनुभव देंगे।
10. एर्गोनॉमिक तरीके से डिजाइन
इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत है। इसमें 16 अत्याधुनिक कोच होंगे, जिनमें कुल 823 यात्रियों की क्षमता होगी। एर्गोनॉमिक तरीके से डिजाइन की गई स्लीपर बर्थ, बेहतर सस्पेंशन सिस्टम, ऑटोमैटिक दरवाजे, वेस्टिब्यूल कनेक्शन और शांत, झटका-मुक्त यात्रा अनुभव इसे खास बनाते हैं। साथ ही, पर्याप्त लगेज स्पेस, अंडर-बर्थ स्टोरेज और बड़े सूटकेस के लिए अलग जगह दी गई है।
