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विदेश जाने से पहले मेडिकल इंश्योरेंस लेना क्यों है जरूरी? जानें वजह

अगर आप घूमने, पढ़ाई या काम के सिलसिले में विदेश जाने की योजना बना रहे हैं, तो टिकट और वीजा के साथ मेडिकल इंश्योरेंस लेना भी जरूरी है। विदेश में अचानक बीमारी या दुर्घटना होने पर इलाज का खर्च काफी ज्यादा हो सकता है।

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विदेश जाने से पहले मेडिकल इंश्योरेंस लेना क्यों है जरूरी? जानें वजह

विदेश यात्रा की योजना बनाते समय लोग अक्सर हवाई टिकट, होटल, वीजा और घूमने की जगहों पर ध्यान देते हैं, लेकिन मेडिकल इंश्योरेंस को नजरअंदाज कर देते हैं। विदेश में अचानक तबीयत खराब होने या दुर्घटना होने पर अस्पताल का खर्च काफी ज्यादा हो सकता है। ऐसे में ट्रैवल मेडिकल इंश्योरेंस आपकी आर्थिक मदद कर सकता है। यह एक तरह का बीमा है, जो विदेश यात्रा के दौरान बीमारी या चोट लगने पर इलाज के खर्च को कवर करने में मदद करता है। हालांकि, इसमें मिलने वाली सुविधाएं बीमा कंपनी और पॉलिसी की शर्तों पर निर्भर करती हैं।

1. विदेश में इलाज का खर्च हो सकता है ज्यादा

विदेश में अस्पताल में भर्ती होने, डॉक्टर की फीस, जांच और दवाइयों का खर्च काफी अधिक हो सकता है। कई देशों में इलाज के लिए मरीज को पहले खुद पैसे देने पड़ते हैं। अगर आपके पास मेडिकल इंश्योरेंस नहीं है, तो अचानक आने वाला यह खर्च आपकी बचत पर भारी पड़ सकता है। ट्रैवल मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसी की तय सीमा के अनुसार इलाज के खर्च को कवर करने में मदद करता है।

2. अचानक बीमारी या दुर्घटना में मदद

विदेश यात्रा के दौरान बुखार, संक्रमण, पेट की परेशानी या किसी दुर्घटना के कारण अस्पताल जाने की जरूरत पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में मेडिकल इंश्योरेंस के तहत आपातकालीन इलाज का खर्च कवर हो सकता है। हालांकि, पहले से मौजूद बीमारियों और कुछ खास इलाजों पर अलग शर्तें लागू हो सकती हैं। इसलिए पॉलिसी लेने से पहले उसकी शर्तों को अच्छी तरह समझना जरूरी है।

3. मेडिकल इमरजेंसी में दूसरे अस्पताल तक पहुंचने की सुविधा

अगर आप किसी ऐसी जगह पर हैं, जहां बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो आपको दूसरे शहर या देश के अस्पताल में ले जाने की जरूरत पड़ सकती है। कुछ ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसियों में मेडिकल इवैक्यूएशन यानी आपातकालीन स्थिति में मरीज को दूसरे अस्पताल तक पहुंचाने का खर्च भी शामिल होता है। यह सुविधा खासकर दूरदराज के इलाकों में यात्रा करने वालों के लिए उपयोगी हो सकती है।

4. कुछ देशों में वीजा के लिए जरूरी

विदेश यात्रा के लिए मेडिकल इंश्योरेंस लेना कुछ देशों में वीजा की शर्त हो सकती है। उदाहरण के लिए, शेंगेन क्षेत्र के देशों के लिए शॉर्ट-स्टे वीजा आवेदन में निर्धारित शर्तों के अनुसार यात्रा मेडिकल इंश्योरेंस का प्रमाण देना जरूरी होता है। इसलिए जिस देश में आप जा रहे हैं, वहां के वीजा नियम पहले ही जांच लें।

5. यात्रा के दौरान सहायता मिल सकती है

कुछ पॉलिसियों में 24 घंटे हेल्पलाइन की सुविधा मिलती है। विदेश में अस्पताल ढूंढने, इलाज से जुड़ी जानकारी लेने और आपातकालीन मदद पाने में यह सुविधा काम आ सकती है। हालांकि, हर पॉलिसी में एक जैसी सेवाएं नहीं मिलतीं।

6. पॉलिसी लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

मेडिकल इंश्योरेंस खरीदते समय इलाज की अधिकतम सीमा, अस्पताल में भर्ती होने का खर्च, मेडिकल इवैक्यूएशन, पहले से मौजूद बीमारियों और खेलकूद जैसी गतिविधियों से जुड़े नियमों की जांच करें। यह भी देखें कि पॉलिसी आपकी पूरी यात्रा की अवधि और सभी देशों में लागू होती है या नहीं।

विदेश जाने से पहले मेडिकल इंश्योरेंस लेने से आप अचानक आने वाले चिकित्सा खर्च के लिए आर्थिक रूप से तैयार रह सकते हैं। इसलिए टिकट और वीजा की तैयारी के साथ अपनी जरूरत के अनुसार सही पॉलिसी चुनना भी जरूरी है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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