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न्यूयॉर्क से टोक्यो तक खिले दुनिया के बाजार, Gift Nifty भी 24000 पार, कहां से आई गुड न्यूज?

भारतीय बाजार आज 14 अप्रैल को भले ही बंद हैं। लेकिन, न्यूयॉर्क से टोक्यो तक दुनिया के बाजारों में हरियाली है। गिफ्ट निफ्टी भी 24 हजार पार हो गया है। क्यों यह भारतीय बाजार के लिए राहत भरी खबर है?

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गिफ्ट निफ्टी में तेजी

न्यूयॉर्क से लेकर टोक्यो तक बाजारों में तेजी है। भारत का फ्यूचर इंडेक्स Gift Nifty भी 24,000 पार हो चुका है। यह भारतीय बाजार के लिए अच्छा संकेत है। जबकि, एक दिन पहले ही अमेरिका और ईरान के बीच डील नहीं होने और होर्मुज में अमेरिकी ब्लॉकेड की वजह से भारत सहित पूरी दुनिया के बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली थी। लेकिल, रातों-रात कुछ ऐसे बदलाव हुए हैं, जिनकी वजह से अब बाजारों का सेंटिमेंट पॉजिटिव और रिस्क ऑन हो गया है। लिहाजा, आज 14 अप्रैल को भारतीय बाजार अंबेडकर जयंती के चलते बंद हैं। लेकिन, जब बुधवार 15 अप्रैल को बाजार खुलेंगे, तो इन पॉजिटिव फैक्टर्स को प्राइस इन जरूर करेंगे।

डिप्लोमेसी दे रही उम्मीद

US Iran Talks ग्लोबल बाजारों में तेजी की असली ट्रिगर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती बातचीत है। सीजफायर खत्म होने से पहले दोनों देशों के बीच एक और मीटिंग की संभावना बन रही है। पाकिस्तान, तुर्की और ओमान जैसे देशों की मध्यस्थता में बातचीत आगे बढ़ रही है। संकेत मिल रहे हैं कि डील की दिशा में प्रगति हो रही है और जरूरत पड़ने पर सीजफायर बढ़ाया भी जा सकता है।

ट्रंप के बयान से बढ़ा भरोसा

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बयान ने बाजार को मजबूत संकेत दिया। उन्होंने कहा कि ईरान डील करने के लिए “बेहद इच्छुक” है। इस बयान के बाद निवेशकों को भरोसा मिला कि जियोपॉलिटिकल तनाव कम हो सकता है, जिससे ग्लोबल इक्विटी में खरीदारी तेज हो गई।

वॉल स्ट्रीट में तेजी

अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों की अगुवाई में शानदार तेजी दर्ज की गई। Nasdaq 1.2 फीसदी चढ़ा, जबकि S&P 500 में 1 फीसदी से ज्यादा की मजबूती रही। Dow Jones Futures भी हरे निशान में रहा। तीनों इंडेक्स का टेक्निकल ट्रेंड ‘Very Bullish’ बना हुआ है, जो बाजार की मजबूती को दर्शाता है। फिलहाल, अमेरिकी बाजार प्री-वार यानी युद्ध से पहले वाली स्थिति में पहुंच चुके हैं।

इंडेक्सLTPबदलाव% बदलावहाईलोओपनप्रीव. क्लोज
Dow Jones Futures48,289.89+72.64+0.15%48,295.8747,505.9747,718.2148,218.25
S&P 5006,886.24+69.35+1.02%6,895.186,790.026,805.236,816.89
Nasdaq23,183.74+280.84+1.23%23,187.6122,795.8222,849.4422,902.89

एशियाई बाजारों में चौतरफा उछाल

अमेरिकी तेजी का असर एशियाई बाजारों पर भी साफ दिखा। Nikkei 225 में 2.4 फीसदी की तेजी आई, KOSPI 3 फीसदी से ज्यादा उछला और Hang Seng भी मजबूत रहा। ताइवान और सिंगापुर के बाजारों में भी खरीदारी देखने को मिली। यह तेजी बताती है कि ग्लोबल निवेशक जोखिम लेने के मूड में हैं।

इंडेक्सLTPबदलाव% बदलावहाईलोओपनप्रीव. क्लोज
GIFT NIFTY24,061.00+183.50+0.77%24,168.5024,026.0024,054.0023,877.50
Nikkei 22557,878.00+1,375.23+2.43%58,008.0057,010.1857,415.0056,502.77
Straits Times5,005.41+21.24+0.43%5,014.074,994.375,011.214,984.17
Hang Seng25,882.00+221.15+0.86%25,995.0925,875.0025,966.0025,660.85
Taiwan Weighted36,086.35+629.06+1.77%36,162.6835,584.0935,584.0935,457.29
KOSPI6,001.67+193.05+3.32%6,005.435,938.335,960.005,808.62
Jakarta Composite7,636.81+136.62+1.82%7,636.817,598.587,410.097,500.19
Shanghai Composite4,005.25+16.69+0.42%4,010.004,000.004,006.733,988.56

Gift Nifty 24,000 पार

ग्लोबल पॉजिटिव संकेतों के बीच Gift Nifty 24,000 के अहम स्तर के ऊपर पहुंच गया। यह संकेत देता है कि भारतीय बाजार में मजबूत शुरुआत हो सकती है। विदेशी निवेशकों का भरोसा लौटता दिख रहा है, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।

कच्चे तेल में गिरावट

अमेरिका-ईरान बातचीत की उम्मीद से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर के नीचे बना हुआ है। अगर डील होती है तो ईरान की सप्लाई बढ़ सकती है, जिससे कीमतों पर और दबाव आएगा। यह भारत जैसे आयातक देशों के लिए राहत की खबर है।

डॉलर कमजोर

डॉलर इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई है, जो 98 के करीब पहुंच गया है। डॉलर की कमजोरी आमतौर पर उभरते बाजारों में निवेश बढ़ने का संकेत देती है। इससे भारत जैसे बाजारों में FII फ्लो मजबूत हो सकता है और बाजार को सपोर्ट मिल सकता है।

डिप्लोमेसी पर टिकी नजर

फिलहाल बाजार पूरी तरह जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम पर टिका है। अगर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ती है और सीजफायर बढ़ता है, तो यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है। हालांकि, किसी भी नकारात्मक खबर से बाजार में तेज मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है।

डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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