Uranium Production : दुनिया भर के देश लगातार बढ़ती बिजली की जरुरतों को पूरा करने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए परमाणु ऊर्जा (nuclear energy) की ओर फिर से ध्यान दे रहे हैं। परमाणु ऊर्जा प्लांट्स में इस्तेमाल होने वाला प्रमुख ईंधन यूरेनियम है। यही वजह है कि हाल के वर्षों में यूरेनियम की मांग और इसकी वैश्विक आपूर्ति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। 2024 के आंकड़े बताते हैं कि कई देशों ने यूरेनियम उत्पादन बढ़ाया है, जबकि कुछ देशों में उत्पादन अभी भी सीमित है।
कजाकिस्तान बना दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक
visualcapitalist के मुताबिक लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार 2024 में कजाकिस्तान दुनिया का सबसे बड़ा यूरेनियम उत्पादक देश बना रहा। देश ने करीब 23,270 टन यूरेनियम का उत्पादन किया, जो वैश्विक उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा है। यह मात्रा दुनिया के किसी भी अन्य देश से काफी अधिक है। कजाकिस्तान कई वर्षों से यूरेनियम बाजार में अग्रणी बना हुआ है और उसकी मजबूत उत्पादन क्षमता ने उसे इस क्षेत्र में नंबर-वन बनाए रखा है।
कम लागत वाली तकनीक से मिली बढ़त
कजाकिस्तान की सफलता के पीछे उसकी विशेष खनन तकनीक भी बड़ी वजह है। वहां बड़े पैमाने पर सैंडस्टोन आधारित यूरेनियम भंडार मौजूद हैं। इसके अलावा, देश इन-सीटू रिकवरी (In-Situ Recovery) तकनीक का उपयोग करता है, जो पारंपरिक खनन की तुलना में सस्ती और कम श्रम वाली मानी जाती है। सरकारी समर्थन और राष्ट्रीय कंपनी कजाटोमप्रोम की सक्रिय भूमिका ने भी उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
यूरेनियम उत्पादक टॉप 12 देश
| रैंक (2024) | देश | 2015 (टन) | 2024 (टन) | 2015 से 2024 तक परिवर्तन |
|---|---|---|---|---|
| 1 | कज़ाख़स्तान | 23,607 | 23,270 | -1.4% |
| 2 | कनाडा | 13,325 | 14,309 | +7.4% |
| 3 | नामीबिया | 2,993 | 7,333 | +145.0% |
| 4 | ऑस्ट्रेलिया | 5,654 | 4,598 | -18.7% |
| 5 | उज़्बेकिस्तान | 2,385 | 4,000 | +67.7% |
| 6 | रूस | 3,055 | 2,738 | -10.4% |
| 7 | चीन | 1,616 | 1,600 | -1.0% |
| 8 | नाइजर | 4,116 | 962 | -76.6% |
| 9 | भारत | 385 | 500 | +29.9% |
| 10 | दक्षिण अफ्रीका | 393 | 200 | -49.1% |
| 11 | यूक्रेन | 1,200 | 288 | -76.0% |
| 12 | संयुक्त राज्य अमेरिका (अमेरिका) | 1,256 | 260 | -79.3% |
महामारी के बाद फिर बढ़ा उत्पादन
कोविड-19 महामारी के दौरान कजाकिस्तान समेत कई देशों में यूरेनियम उत्पादन प्रभावित हुआ था। हालांकि, जैसे-जैसे वैश्विक अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटी और परमाणु ईंधन की मांग बढ़ी, उत्पादन में भी तेजी आई। 2024 तक कजाकिस्तान ने अपने उत्पादन स्तर को मजबूत तरीके से बढ़ाया और वैश्विक बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली।
कनाडा ने हासिल किया दूसरा स्थान
visualcapitalist के मुताबिक 2024 में कनाडा दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा यूरेनियम उत्पादक देश रहा। देश ने 14,309 टन यूरेनियम का उत्पादन किया। वर्ष 2020 में खदानों के बंद होने और बाजार की कमजोर स्थिति के कारण कनाडा का उत्पादन काफी गिर गया था। लेकिन बाद में प्रमुख परियोजनाओं और खदानों के दोबारा शुरू होने से उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार हुआ। इससे कनाडा ने वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति फिर मजबूत कर ली।
नामीबिया तेजी से उभरता देश
अफ्रीकी देश नामीबिया भी यूरेनियम उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। 2024 में देश ने 7,333 टन यूरेनियम का उत्पादन किया। बड़े ओपन-पिट खनन प्रोजेक्ट्स और विदेशी निवेश के कारण नामीबिया की उत्पादन क्षमता लगातार बढ़ रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले वर्षों में नामीबिया वैश्विक यूरेनियम बाजार में और बड़ी भूमिका निभा सकता है।
अमेरिका में भी दिख रही सुधार की तस्वीर
एक समय दुनिया के प्रमुख यूरेनियम उत्पादकों में शामिल अमेरिका का उत्पादन 2020 में करीब-करीब खत्म हो गया था। उस वर्ष देश में केवल 6 टन यूरेनियम का उत्पादन हुआ था। इसकी मुख्य वजह कम कीमतें और घरेलू खनन का महंगा होना था। हालांकि, हाल के वर्षों में यूरेनियम की कीमतों में बढ़ोतरी और वैश्विक आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण अमेरिका में उत्पादन फिर बढ़ने लगा है।
फिर भी कजाकिस्तान से बहुत पीछे अमेरिका
उत्पादन में सुधार के बावजूद अमेरिका अभी भी कजाकिस्तान से काफी पीछे है। 2024 में अमेरिका ने केवल 260 टन यूरेनियम का उत्पादन किया, जबकि कजाकिस्तान का उत्पादन 23,270 टन रहा। यह अंतर दिखाता है कि वैश्विक परमाणु ईंधन बाजार अभी भी कुछ चुनिंदा देशों पर काफी हद तक निर्भर है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर परमाणु ऊर्जा की मांग आगे भी बढ़ती रही, तो यूरेनियम उत्पादन और आपूर्ति वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकती है।
