भारतीय रेलवे से यात्रा करने वाले करोड़ों यात्रियों के सामने अक्सर एक बड़ी समस्या तब खड़ी होती है, जब उनका टिकट कंफर्म नहीं हो पाता और वह वेटिंग लिस्ट (Waiting Ticket) में रह जाता है। ऐसे समय में यात्रियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि आखिर वे अपना वेटिंग टिकट कब तक कैंसिल करा सकते हैं ताकि उन्हें उनका पूरा पैसा वापस (Refund) मिल सके और कोई भारी नुकसान न उठाना पड़े। रेलवे के नियमों के मुताबिक, आप अपने वेटिंग टिकट को ट्रेन के प्रस्थान के समय से काफी पहले से लेकर, ट्रेन का चार्ट तैयार होने (Chart Preparation) तक कभी भी कैंसिल करा सकते हैं। आमतौर पर ट्रेन छूटने के निर्धारित समय से ठीक 7 घंटे पहले रेलवे द्वारा पहला चार्ट तैयार किया जाता है, जिसे कैंसिलेशन की आखिरी समय सीमा माना जाता है। इस तय समय के भीतर टिकट कैंसिल कराने पर रिफंड की प्रक्रिया बेहद आसान और पारदर्शी होती है।
कैसे कैंसिल होगा टिकट?
अगर आपने आईआरसीटीसी (IRCTC) की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन ई-टिकट (E-Ticket) बुक किया था और वह चार्ट बनने तक पूरी तरह वेटिंग लिस्ट (Fully Waiting) में ही रह जाता है, तो आपको उसे खुद से कैंसिल करने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं होती। भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार, चार्ट तैयार होने के बाद ऐसे सभी ऑनलाइन वेटिंग टिकट खुद-ब-खुद (Automatically) कैंसिल हो जाते हैं। टिकट ऑटो-कैंसिल होने के बाद रेलवे न्यूनतम क्लर्किएज चार्ज (Clerkage Charge) काटकर बाकी की पूरी धनराशि उसी बैंक खाते या वॉलेट में 3 से 5 कार्य दिवसों (Working Days) के भीतर वापस भेज देता है, जिससे भुगतान किया गया था। हालांकि, यदि आपका ई-टिकट आंशिक रूप से वेटिंग (Partial Waiting) में है, यानी एक ही पीएनआर (PNR) पर कुछ यात्रियों का टिकट कंफर्म है और कुछ का वेटिंग, तो आपको चार्ट बनने के बाद भी ट्रेन छूटने के समय से 30 मिनट पहले तक ऑनलाइन टीडीआर (TDR) फाइल करना होता है, तभी रिफंड मिल पाता है।
काउंटर का टिकट कैसे कैंसिल होगा?
अगर आपने रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर (PRS Counter) से जाकर ऑफलाइन विंडो वेटिंग टिकट खरीदा था, तो उसके नियम ऑनलाइन टिकट से काफी अलग और कड़े होते हैं। काउंटर से लिया गया वेटिंग टिकट चार्ट बनने के बाद कभी भी अपने आप कैंसिल नहीं होता है। ऐसे टिकट को कैंसिल कराने और अपना रिफंड पाने के लिए यात्री को खुद रेलवे स्टेशन के काउंटर पर जाना पड़ता है। काउंटर वेटिंग टिकट को आप ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से कम से कम 30 मिनट पहले तक किसी भी कंप्यूटरीकृत रिज़र्वेशन काउंटर पर जाकर कैंसिल करवा सकते हैं। अगर रात के समय स्टेशन का काउंटर बंद है या आप किसी वजह से स्टेशन नहीं जा पा रहे हैं, तो आप आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर जाकर काउंटर टिकट कैंसिलेशन का विकल्प चुनकर उसे ऑनलाइन भी प्रोसेस कर सकते हैं, लेकिन उसका रिफंड लेने के लिए आपको बाद में अपनी मूल टिकट के साथ काउंटर पर जाना ही होगा।
कितना लगता है चार्ज?
रेलवे कैंसिलेशन चार्ज और रिफंड नीति की बात करें तो वेटिंग टिकट पर कटने वाला चार्ज बेहद मामूली होता है। अगर आप चार्ट बनने से पहले अपना वेटिंग टिकट कैंसिल करते हैं, तो रेलवे प्रति यात्री केवल ₹60 (प्लस जीएसटी, यदि लागू हो) का क्लर्किएज शुल्क काटता है और शेष राशि वापस कर देता है। यही नियम ऑटो-कैंसिल होने वाले ऑनलाइन वेटिंग टिकटों पर भी लागू होता है। यात्रियों को हमेशा सलाह दी जाती है कि वे चार्ट बनने के समय यानी ट्रेन छूटने से 4 घंटे पहले अपने पीएनआर स्टेटस की जांच जरूर कर लें, क्योंकि अगर वेटिंग टिकट चार्ट बनते समय आरएसी (RAC) या कंफर्म सीट में बदल जाता है, तो उस पर वेटिंग वाले नियम लागू नहीं होंगे। ऐसी स्थिति में देरी से टिकट कैंसिल करने पर रेलवे के कंफर्म टिकट वाले भारी कैंसिलेशन चार्ज कटते हैं, जिससे यात्रियों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
