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क्या आप भी बैंक अकाउंट में नहीं रखते हैं मिनिमम बैलेंस? तो हो सकते हैं कई नुकसान

क्या आप जानते हैं कि आपके बैंक अकाउंट में मिनिमम बैलेंस न रखने के गंभीर नुकसान हो सकते हैं? सिर्फ एक छोटी सी लापरवाही से आपको जुर्माना, सुविधाओं का नुकसान और यहां तक कि खाता बंद होने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि मिनिमम बैलेंस क्यों जरूरी है और इसे बनाए रखने के आसान तरीके क्या हैं।

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Minimum Balance Saving Account

अगर आपके सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस नहीं है, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। ज्यादातर बैंक अपने ग्राहकों से खाते में एक तय न्यूनतम राशि बनाए रखने को कहते हैं। लेकिन कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। मिनिमम बैलेंस न रखने से आप कई नुकसान झेल सकते हैं। जैसे जुर्माना, बैंक की सुविधाओं का न मिलना और यहां तक कि अकाउंट बंद होने का खतरा। ऐसे में आइए आज आपको बताते हैं सेविंग बैंक अकाउंट में मिनिमम बैलेंस न रखने के क्या नुकसान हो सकते हैं?

हो सकते हैं ये नुकसान

अगर आपके खाते में तय राशि से कम बैलेंस है, तो बैंक हर महीने या तिमाही पर पेनल्टी चार्ज लगा सकता है। इसके अलावा, मुफ्त एटीएम ट्रांजैक्शन, नेट बैंकिंग और चेकबुक सर्विस जैसी सुविधाएं भी तब ही मिलती हैं, जब आप मिनिमम बैलेंस बनाए रखते हैं। बार-बार जुर्माना देने से आपकी क्रेडिट हिस्ट्री पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, जिससे लोन या क्रेडिट कार्ड लेना मुश्किल हो सकता है। लगातार मिनिमम बैलेंस न रखने पर बैंक आपका खाता निष्क्रिय या बंद भी कर सकता है।

क्यों जरुरी है मिनिमम बैलेंस?

बैंक को अपने ग्राहकों को सेवाएं देने और अकाउंट मेंटेन करने के लिए खर्च करना पड़ता है। मिनिमम बैलेंस से बैंक की वित्तीय स्थिति मजबूत रहती है और वह ग्राहकों को बेहतर सेवाएं दे पाता है। इसके अलावा, अपने खाते में बैलेंस बनाए रखने के लिए आप बैंक की वेबसाइट या ऐप से जरूरी राशि जान सकते हैं, अपने दूसरे खाते से ऑटो डेबिट सेट कर सकते हैं और अनावश्यक खर्च कम करके बैलेंस बनाए रख सकते हैं।

ये मिलता है फायदा

मिनिमम बैलेंस रखने से आपको किसी तरह का जुर्माना नहीं देना पड़ेगा और बैंक की सभी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। साथ ही, ज्यादा बैलेंस होने पर ब्याज भी बढ़ेगा। कई बैंक अपने ग्राहकों को डेबिट-क्रेडिट कार्ड ऑफर्स, पर्सनल लोन और रिवॉर्ड पॉइंट्स जैसी सुविधाएं भी देते हैं। इसलिए अपने खाते में मिनिमम बैलेंस बनाए रखना न केवल जरूरी है बल्कि यह छोटी सी आदत आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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