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क्या है ‘नज’ अभियान? अब तक 15 लाख से अधिक संशोधित ITR दाखिल

Income Tax NUDGE campaign: इनकम टैक्स विभाग ने बताया कि आकलन वर्ष 2025-26 के लिए अब तक 15 लाख से अधिक टैक्सपेयर्स ने संशोधित इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल किया है। विभाग ने ‘नज’ अभियान शुरू किया है। आइए जानते हैं आखिर ये क्या है।

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टैक्स में गड़बड़ी करने वालों पर ‘नज’ की चोट (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

Income Tax NUDGE campaign : इनकम टैक्स विभाग ने मंगलवार को जानकारी दी कि मौजूदा आकलन वर्ष 2025-26 के लिए अब तक 15 लाख से अधिक टैक्सपेयर्स ने अपने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) को संशोधित किया है। विभाग का कहना है कि यह संख्या लगातार बढ़ रही है, क्योंकि बड़ी संख्या में टैक्सपेयर अपनी कटौती और छूट के दावों की दोबारा जांच कर रहे हैं। यह कदम आयकर विभाग द्वारा शुरू किए गए एक विशेष अभियान के बाद सामने आया है, जिसका उद्देश्य गलत कटौती और फर्जी दावों को रोकना है।

क्या है ‘नज’ अभियान

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक इनकम टैक्स विभाग ने हाल ही में ‘नज’ नाम से एक अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत उन करदाताओं को ईमेल और एसएमएस भेजे जा रहे हैं, जिन्होंने गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों या कुछ संदिग्ध धर्मार्थ संस्थाओं को दान दिखाकर कर में कटौती का दावा किया है। इन मैसेजों के जरिए करदाताओं को सलाह दी जा रही है कि वे अपने आईटीआर की समीक्षा करें और अगर कोई गलती हो तो समय रहते उसे सुधार लें। विभाग का मानना है कि इस तरह की चेतावनी से टैक्सपेयर खुद ही आगे आकर अनुपालन करेंगे।

चालू वित्त वर्ष में 21 लाख रिटर्न संशोधित

इनकम टैक्स विभाग के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में अब तक 21 लाख से अधिक करदाताओं ने अपने इनकम टैक्स रिटर्न में बदलाव किया है। इसके जरिए सरकार को करीब 2,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर भुगतान मिला है। विभाग का कहना है कि यह आंकड़ा दिखाता है कि टैक्सपेयर अब पहले से ज्यादा जागरूक हो रहे हैं और स्वेच्छा से अपनी गलतियों को सुधार रहे हैं।

31 दिसंबर तक संशोधित रिटर्न दाखिल करने की सलाह

इनकम टैक्स विभाग ने सभी टैक्सपेयर्स से अपील की है कि वे अपने आईटीआर की अच्छे से समीक्षा करें। खासतौर पर कटौती और छूट के दावों की सटीकता की जांच करें। अगर किसी टैक्सपेयर को लगता है कि रिटर्न में गलती है, तो वह 31 दिसंबर 2025 तक संशोधित आईटीआर दाखिल कर सकता है। विभाग का कहना है कि समय रहते संशोधन करने से आगे किसी तरह की जांच या कार्रवाई से बचा जा सकता है।

सही दावा करने वालों को डरने की जरुरत नहीं

इनकम टैक्स विभाग ने यह भी साफ किया है कि जो टैक्सपेयर कानून के अनुसार सही कटौती या छूट का दावा कर रहे हैं, उन्हें किसी भी तरह की चिंता करने की जरुरत नहीं है। विभाग का कहना है कि ‘नज’ अभियान का उद्देश्य ईमानदार करदाताओं को परेशान करना नहीं, बल्कि गलत और फर्जी दावों को रोकना है।

31 दिसंबर के बाद क्या होगा

विभाग ने बताया कि 31 दिसंबर के बाद आकलन वर्ष 2025-26 के लिए रिटर्न में बदलाव करने के लिए टैक्सपेयर को ‘अपडेटेड आईटीआर’ दाखिल करना होगा। इसमें अतिरिक्त नियम और शुल्क लागू हो सकते हैं। इसलिए टैक्सपेयर्स को सलाह दी गई है कि वे तय समय सीमा के भीतर ही संशोधन कर लें।

सीबीडीटी का खुलासा: फर्जी दान का खेल

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने दिसंबर की शुरुआत में बताया था कि डेटा विश्लेषण से यह सामने आया है कि कई टैक्सपेयर्स ने गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और कुछ धर्मार्थ संस्थाओं को दान दिखाकर अवैध कटौती और रिफंड का दावा किया है। बोर्ड के अनुसार, इनमें से कई राजनीतिक दल न तो रिटर्न दाखिल करते हैं और न ही अपने रजिस्टर्ड पते पर सक्रिय पाए गए हैं। वे किसी भी राजनीतिक गतिविधि में शामिल नहीं हैं।

हवाला और नकली रसीदों के सबूत

सीबीडीटी ने यह भी कहा कि ऐसी संस्थाओं का इस्तेमाल अक्सर पैसे को इधर-उधर करने, हवाला लेनदेन, विदेश से धन भेजने और नकली दान की रसीदें जारी करने के लिए किया जा रहा था। कुछ गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और धर्मार्थ ट्रस्टों पर तलाशी अभियान चलाकर नकली दान और कंपनियों द्वारा फर्जी सीएसआर के सबूत भी जुटाए गए हैं।

टैक्स अनुपालन बढ़ाने की कोशिश

इनकम टैक्स विभाग का कहना है कि ‘नज’ अभियान का मुख्य उद्देश्य टैक्स अनुपालन को बढ़ावा देना और फर्जी दावे करने वाले करदाताओं की पहचान करना है। विभाग को उम्मीद है कि इस पहल से कर प्रणाली ज्यादा पारदर्शी और मजबूत बनेगी।

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रामानुज सिंह
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

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