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बड़ी बहस! एंटी-पेपर लीक बिल पर लोकसभा में आज राहुल गांधी खोलेंगे मोर्चा, निशाने पर होगी सरकार

मंगलवार को सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, बांसुरी स्वराज, अनुराग सिंह ठाकुर तो विपक्ष से प्रियंका गांधी, गौरव गोगोई, अखिलेश यादव सहित कई नेताओं ने चर्चा में भाग लिया। चूंकि, छात्रों को लेकर राहुल गांधी ज्यादा मुखर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर रहे हैं।

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी।

Photo : PTI

Rahul Gandhi to speak in Loksabha: लोकसभा में प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ कड़े प्रावधान वाले विधेयक पर मंगलवार को चर्चा शुरू हुई। इस बिल पर बुधवार को भी लोकसभा में चर्चा होगी। सूत्रों का कहना है कि निम्न सदन में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी दोपहर 12 बजे इस विधेयक पर अपनी बात रखेंगे। मंगलवार को इस बिल पर हुई चर्चा में सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के कई सांसदों ने भाग लिया। विपक्ष के सांसदों ने सरकार पर प्रश्नपत्र लीक रोकने के लिए कड़े कदम न उठाने का आरोप लगाया तो सरकार ने कहा कि पेपर लीक पहले की सरकारों के समय हुए। मंगलवार को सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, बांसुरी स्वराज, अनुराग सिंह ठाकुर तो विपक्ष से प्रियंका गांधी, गौरव गोगोई, अखिलेश यादव सहित कई नेताओं ने चर्चा में भाग लिया। चूंकि, छात्रों को लेकर राहुल गांधी ज्यादा मुखर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर रहे हैं, ऐसे में लोकसभा में छात्रों एवं पेपर लीक के मुद्दे पर क्या बोलते हैं, इस पर सभी की नजरें लगी होंगी।

'जो चढ़ावा चोरी नहीं रोक पाए...'

सदन में सपा के नेता ने लोकसभा में 'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि जो राम मंदिर में चढ़ावा चोरी नहीं रोक पाए, वो पेपर लीक भला कैसे रोक पाएंगे। यादव ने जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन का हवाला दिया और कहा कि 'सरकार झुकती है, सिर्फ झुकाने वाला चाहिए।’ उन्होंने कहा, 'पूर्व शिक्षा मंत्री (प्रधान) जब लोकसभा में लौटे तो सदन के बाहर उनका स्वागत किया गया। इससे हमें कोई शिकायत नहीं है। माननीय सदस्यों को कितनी राहत मिली होगी...एक प्रधान जी को हटाकर आपने (भाजपा) प्रधानमंत्री बचा लिया।’

'दिल का ऐंगल’ भी बदलना पड़ेगा-प्रियंका गांधी

सपा नेता ने कहा, 'नई को बधाई देना चाहता हूं कि उन्होंने भाजपा को झुकाने के लिए विवश कर दिया।’उन्होंने कहा कि जब सरकार घबरा जाती है और डर जाती है, तब मांगों को स्वीकार कर लेती है। यादव ने कहा कि यह ऐसा पहला आंदोलन था जिसमें बच्चों के साथ उनके माता-पिता भी जुड़ गए थे। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपने सलाहकार बदल देने चाहिए और यदि सरकार 'जेन जेड’ का भरोसा वापस जीतना चाहती है तो प्रधानमंत्री को 'कैमरे का ऐंगल’ नहीं, बल्कि 'दिल का ऐंगल’ भी बदलना पड़ेगा।

'छात्रों के खिलाफ पैलेट गन का इस्तेमाल'

उन्होंने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग लेते हुए यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को इसका जवाब देना चाहिए कि किसके आदेश पर छात्रों के खिलाफ पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था। कांग्रेस सांसद ने सवाल किया, 'क्या हमारे छात्र आतंकवादी हैं?’ प्रियंका ने कहा कि देश की जनता सरकार से जवाबदेही मांग रही है, लेकिन उसे जवाब नहीं मिल रहा है। उन्होंने 20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर किये गए बल प्रयोग का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि आंसू गैस के गोले छोड़ने, लाठीचार्ज करने और पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस पर जवाब देना चाहिए।

बांसुरी स्वराज ने किया सरकार का बचाव

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद बांसुरी स्वराज ने मंगलवार को लोकसभा में कांग्रेस तथा विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला और कहा कि वे यह विमर्श तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं कि प्रश्नपत्र लीक की समस्या 2014 के बाद पैदा हुई। उन्होंने सदन में ’लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि इस संशोधन विधेयक को लाना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की संवदेनशीलता और उनके जिम्मेदाराना सरकार का प्रमाण है। नई दिल्ली से लोकसभा सदस्य स्वराज ने प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर दुख जताते हुए कहा कि जब किसी प्रतियोगी परीक्षा में अनियिमता होती है तो उसका असर केवल अभ्यर्थी पर ही नहीं होता, बल्कि उसके माता-पिता पर भी पड़ता है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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