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पर्सनल लोन की 1 EMI भी मिस हुई तो हो सकता है इतना बड़ा नुकसान...

अगर आपके ऊपर कोई लोन या आपने कोई ऐसा सामान लिया है जिसकी EMI भर रहे हैं तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। कई बार बिन बुलाए और गैर जरुरी खर्चों के चलते लोगों के पास पैसों की कमी हो जाती है और ऐसे में वो फिर लोन की EMI नहीं भर पाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है एक EMI भी मिस करने से आपको कितने बड़े नुकसान हो सकते हैं? अगर नहीं तो आइए बताते हैं?

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Credit Card Rules

आजकल पर्सनल लोन लेना आसान हो गया है, लेकिन इसे समय पर चुकाना उतना ही जरूरी है। कई लोग सोचते हैं कि एक EMI मिस करने से कोई बड़ी बात नहीं होगी, लेकिन सच इससे बिलकुलअलग है। अगर आपकी 1 EMI भी हुई तो आपको बड़े बड़े नुकसान हो सकते हैं और आपको फ्यूचर में लोन मिलना भी मुश्किल हो जायेगा। आज हम आपको बताने जा रहे हैं की अगर आपके लोन की एक EMI भी मिस होती है तो आपको क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं?

EMI मिस होने क्या होते हैं नुकसान?

सिबिल स्कोर पर असर

जैसे ही आप अपनी EMI मिस करते हैं, बैंक या NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) इसकी सूचना तुरंत क्रेडिट ब्यूरो (जैसे CIBIL) को भेज देती है। इससे आपका क्रेडिट स्कोर गिर सकता है, जो भविष्य में नए लोन या क्रेडिट कार्ड प्राप्त करने में कठिनाई पैदा कर सकता है। कम क्रेडिट स्कोर के कारण आपको ऊंची ब्याज दरों पर लोन मिल सकता है।

पेनल्टी और लेट चार्ज

EMI मिस करने पर बैंक या NBFC आपको पेनल्टी और लेट चार्ज लगा सकते हैं। यह अतिरिक्त खर्च आपके वित्तीय बोझ को बढ़ा सकता है और कर्ज चुकाने की प्रक्रिया को और जटिल बना सकता है।

ये भी है बड़ी दिक्कत

कर्ज का बोझ केवल वित्तीय ही नहीं, बल्कि मानसिक भी होता है। EMI मिस करने के बाद बैंक या रिकवरी एजेंट की बार-बार कॉल्स और दबाव से मानसिक तनाव बढ़ सकता है, जो आपकी दिनचर्या और नींद पर भी असर डाल सकता है।

कर्ज का बढ़ना

एक छोटी सी चूक से कर्ज का बोझ बढ़ सकता है। यदि आप समय पर EMI नहीं भरते हैं, तो पेनल्टी और ब्याज दरों में वृद्धि हो सकती है, जिससे आपका कर्ज और बढ़ सकता है।

ऐसे बचें

स्थिति स्वीकारें और लेंडर से संपर्क करें: अगर आप EMI नहीं चुका पा रहे हैं, तो तुरंत अपने बैंक या NBFC से संपर्क करें और स्थिति स्पष्ट करें। वे आपको EMI रीस्ट्रक्चरिंग या लोन की अवधि बढ़ाने का विकल्प दे सकते हैं।

नया लोन लेने से बचें: पुराने कर्ज चुकाने के लिए नया लोन लेने से बचें, क्योंकि यह समस्या को और बढ़ा सकता है।

बजट बनाएं और खर्चों पर नियंत्रण रखें: अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें और फालतू खर्चों को कम करें। सबसे पहले उच्च ब्याज दर वाले कर्जों को चुकाने की कोशिश करें।

फाइनेंशियल काउंसलर से सलाह लें: अगर आप खुद से कर्ज चुकाने की योजना नहीं बना पा रहे हैं, तो किसी फाइनेंशियल काउंसलर से सलाह लें।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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