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Target Maturity Funds: क्या होते हैं टार्गेट मैच्योरिटी फंड, जानें आपके लिए सही हैं या नहीं

Target Maturity Funds: टारगेट मैच्योरिटी फंड (टीएमएफ) निवेशकों को फंड की मैच्योरिटी डेट के साथ अपने पोर्टफोलियो को मैच करके डेब्ट म्यूचुअल फंड से जुड़े जोखिमों को मैनेज करने में मदद करते हैं।

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क्या है टारगेट मैच्योरिटी फंड

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • टारगेट मैच्योरिटी फंड में जोखिम होता है कम
  • इनका पैसा सरकारी सिक्योरिटीज में होता है निवेश
  • कम जोखिम लेने वालों के लिए है बेहतर

Target Maturity Funds: म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) निवेश के लिए अच्छा ऑप्शन माना जाता है। इसमें आप हर महीने एसआईपी (SIP) के जरिए थोड़ा-थोड़ा पैसा जमा कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड की कई कैटेगरी हैं। यदि आप कम जोखिम के साथ अच्छा रिटर्न चाहते हैं, तो डेब्ट फंड में से टारगेट मैच्योरिटी फंड एक बेहतर विकल्प हो सकता है। ये म्यूचुअल फंड सरकारी बॉन्ड में निवेश करते हैं और उन्हें मैच्योरिटी तक अपने पास रखते हैं। इन फंडों की पहले से तय अवधि के दौरान, बॉन्ड से मिले ब्याज को फिर से निवेश किया जाता है।

समझिए टारगेट मैच्योरिटी फंड की बारीकी

टारगेट मैच्योरिटी फंड (टीएमएफ) निवेशकों को फंड की मैच्योरिटी डेट के साथ डेब्ट म्यूचुअल फंड से जुड़े जोखिमों को मैनेज करने में मदद करते हैं। ये पैसिव डेब्ट म्यूचुअल फंड होते हैं जो अंडरलाइंग बॉन्ड (जिन बॉन्ड में निवेश किया गया है) इंडेक्स को ट्रैक करते हैं।

इन फंडों के पोर्टफोलियो में ऐसे बॉन्ड शामिल होते हैं जो अंडरलाइंग बॉन्ड इंडेक्स का हिस्सा होते हैं और इन बॉन्डों की मैच्योरिटी फंड की बताई गई मैच्योरिटी के आसपास होती है।

सेफ रहता है पैसा

इन फंडों में निवेश करना सुरक्षित है और यह अनुमानित फिक्स रिटर्न देते हैं क्योंकि यह सरकारी सिक्योरिटीज, पीएसयू बॉन्ड और स्टेट डेवलपमेंट लोन्स (एसडीएल) में निवेश करते हैं। इसलिए, इन फंडों में जोखिम अन्य डेट म्यूचुअल फंडों की तुलना में कम होता है।

किसके लिए हैं बेहतर

ये उन निवेशकों के लिए बेहतर हैं, जिनकी कम जोखिम लेने की क्षमता है। निवेशकों के लिए टारगेट मैच्योरिटी फंड में निवेश करने के कई कारण हैं। सबसे पहले तो यह आपके पोर्टफोलियो में डेब्ट कम्पोनेंट को पूरा करते हैं। इनमें निवेशकों को पैसा लॉक किए बिना फाइनेंशियल लक्ष्यों को पूरा करने के लिए फंड की अवधि के दौरान निवेश बरकरार रखने की सुविधा मिलती है।

डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर म्यूचुअल फंड की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। म्यूचुअल फंड में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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