बिजनेस

Wakefit IPO Allotment Status: क्या आपको मिला आईपीओ में अलॉटमेंट? ऐसे करें चेक

अगर आपने भी गद्दे बनाने वाली कंपनी Wakefit के आईपीओ में पैसा लगाया है तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। दरअसल, वेकफीट के आईपीओ का अलॉटमेंट आज यानी 11 दिसंबर को होना है, तो आइए आपको बताते हैं कि आप कैसे अपने आईपीओ अलॉटमेंट का स्टेटस चेक कर सकते हैं?

Image

Wakefit IPO

होम और फर्निशिंग कंपनी वेकफिट इनोवेशंस का IPO 2.52 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हो गया है। अब निवेशक 11 दिसंबर को इसका अलॉटमेंट फाइनल होने का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद शेयर 15 दिसंबर को BSE और NSE पर लिस्ट होंगे। जिन लोगों ने वेकफिट इनोवेशंस IPO में निवेश किया है, वे इसकी रजिस्ट्रार MUFG Intime India और BSE की वेबसाइट पर जाकर अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। ऐसे में आइए आपको बताते है आप कैसे अपने वेकफीट के आईपीओ का अलॉटमेंट चेक कर सकते हैं?

BSE पर ऐसे चेक करें स्टेटस

1. BSE की वेबसाइट पर जाएं [BSE IPO Status](https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx)

2. इश्यू का टाइप चुनें: ‘Equity’

3. ड्रॉपडाउन मेन्यू से Wakefit Innovations IPO सिलेक्ट करें

4. एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल्स डालें

5. कैप्चा भरें

6. Search बटन पर क्लिक करें

7. आपके स्क्रीन पर अलॉटमेंट स्टेटस दिखाई देगा

MUFG Intime India की वेबसाइट से स्टेटस चेक करने का तरीका

1. MUFG Intime की वेबसाइट पर जाएं[MUFG Intime IPO Status](https://in.mpms.mufg.com/Initial_Offer/public-issues.html)

2. ड्रॉपडाउन मेन्यू में Wakefit Innovations सिलेक्ट करें

3. एप्लीकेशन नंबर, अकाउंट नंबर/IFSC, PAN, या DP/Client ID में से कोई एक विकल्प चुनें

4. संबंधित डिटेल्स भरें

5. Submit बटन पर क्लिक करें

6. अलॉटमेंट स्टेटस स्क्रीन पर दिखाई देगा

NSE पर स्टेटस चेक करने का तरीका

1. NSE की वेबसाइट पर जाएं [NSE IPO Status](https://www.nseindia.com/market-data/ipo)

2. IPO सेक्शन में Wakefit Innovations चुनें

3. एप्लीकेशन नंबर, PAN या DP/Client ID डालें

4. Submit बटन पर क्लिक करें

5. अलॉटमेंट स्टेटस स्क्रीन पर दिखेगा

वेकफिट इनोवेशंस का IPO कुल 1,288.89 करोड़ रुपये का था। इसमें 377.18 करोड़ रुपये के 1.93 करोड़ नए शेयर जारी किए गए। साथ ही प्रमोटर्स और मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से 911.71 करोड़ रुपये के 4.68 करोड़ शेयरों का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) रहा। कंपनी ने इस साल जून में IPO के जरिए पूंजी जुटाने के लिए SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे। अक्टूबर में सेबी ने IPO को मंजूरी दी थी।

क्या करती है काम?

वेकफिट की स्थापना साल 2016 में हुई थी। कंपनी गद्दे, फर्नीचर और फर्निशिंग के बड़े रेंज के लिए जानी जाती है। वेकफिट अपने प्रोडक्ट्स को अपनी वेबसाइट और COCO स्टोर्स के साथ-साथ बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और मल्टी-ब्रांड आउटलेट्स के जरिए भी बेचती है। कंपनी की कुल 5 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी हैं, जिनमें से दो बेंगलुरु (कर्नाटक), दो होसुर (तमिलनाडु) और एक सोनीपत (हरियाणा) में स्थित है। कंपनी के प्रमोटर अंकित गर्ग और चैतन्य रामलिंगगौड़ा हैं। IPO से पहले वेकफिट ने एंकर इनवेस्टर्स से 580 करोड़ रुपये जुटाए थे।

IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी कई उद्देश्यों के लिए करेगी। इसमें 31 करोड़ रुपये नए 117 COCO रेगुलर स्टोर बनाने पर खर्च होंगे। 15.4 करोड़ रुपये नए इक्विपमेंट और मशीनरी खरीदने में इस्तेमाल होंगे। 161.4 करोड़ रुपये मौजूदा स्टोर की लीज, सब-लीज रेंट और लाइसेंस फीस के भुगतान में जाएंगे। इसके अलावा 108.4 करोड़ रुपये मार्केटिंग और विज्ञापन पर खर्च किए जाएंगे। बाकी राशि आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए रखी जाएगी। इससे पहले नवंबर में वेकफिट ने प्री-IPO फंडिंग राउंड के तहत DSP इंडिया फंड और 360 ONE इक्विटी अपॉर्चुनिटीज फंड से 56 करोड़ रुपये जुटाए थे।

पैसों का कहां होगा इस्तेमाल?

इस IPO से वेकफिट अपने व्यवसाय को और विस्तार देने के साथ ही मार्केटिंग और उत्पादन क्षमता को मजबूत करने की योजना बना रही है। निवेशकों के लिए यह अवसर कंपनी के भविष्य की वृद्धि और ई-कॉमर्स और रिटेल मार्केट में इसके मजबूत प्रदर्शन की संभावनाओं को दर्शाता है। ऐसे में निवेशक अलॉटमेंट के बाद शेयर लिस्टिंग का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article