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Vijay Mallya Case: भारतीय बैंकों की हुई जीत, लन्दन में दायर की थी अपील

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के नेतृत्व वाले भारतीय बैंकों के एक संघ ने बुधवार को भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ दिवाला कार्यवाही शुरू करने का आदेश बरकरार रखने के लिए लंदन की अदालत में दायर अपील जीत ली। यह कानूनी लड़ाई लंबे समय से चल रही है जिसमें माल्या की अब बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस पर बकाया ऋण की अदायगी की मांग की गई है।

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भारतीय बैंकों की हुई जीत, लन्दन में दायर की थी अपील

Photo : iStock

Vijay Mallya Case: भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के नेतृत्व वाले भारतीय बैंकों के एक संघ ने बुधवार को भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ दिवाला कार्यवाही शुरू करने का आदेश बरकरार रखने के लिए लंदन की अदालत में दायर अपील जीत ली। यह कानूनी लड़ाई लंबे समय से चल रही है जिसमें माल्या की अब बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस पर बकाया ऋण की अदायगी की मांग की गई है। लंदन उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एंथनी मान ने भारतीय बैंकों के पक्ष में फैसला सुनाया जबकि 69 वर्षीय व्यवसायी माल्या की तरफ से दायर अपील की अनुमति मांगने वाले दो आवेदनों को खारिज कर दिया। माल्या को भारत में धोखाधड़ी और धनशोधन के आरोपों के लिए भगोड़ा घोषित किया जा चुका है।

दिवाला अर्जी साबित हुई सही

न्यायमूर्ति मान ने कहा, “बैंकों की दलील ऐसी थी जिसे उन्हें स्वीकार करना ही था। इस संबंध में मुख्य बात यह है कि दिवाला कार्यवाही का आदेश कायम है।” भारतीय बैंकों का प्रतिनिधित्व करने वाली कानूनी फर्म टीएलटी एलएलपी ने कहा कि इस फैसले से यह पुष्टि होती है कि बैंकों के पास माल्या की संपत्तियों पर कोई सुरक्षा नहीं है और दिवाला अर्जी सही थी। अदालत ने भी यह पाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जब्त की गई संपत्तियों से प्राप्तियां सशर्त थीं और ब्रिटिश कानून के तहत कर्ज से मुक्ति नहीं देती थीं।

क्या है पूरा मामला

टीएलटी एलएलपी के कानूनी निदेशक निक कर्लिंग ने कहा, “यह बैंकों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला है। टीएलटी को यह परिणाम मिलने पर प्रसन्नता है, क्योंकि माल्या के खिलाफ प्राप्त 1.12 अरब पाउंड के डीआरटी (ऋण वसूली न्यायाधिकरण) के फैसले के संबंध में 2017 से ही बैंकों के लिए काम किया जा रहा है।” यह मामला 2017 का है जब भारतीय बैंकों के समूह ने डीआरटी के फैसले को ब्रिटेन की अदालतों में दर्ज किया था, जो किंगफिशर एयरलाइंस को दिए गए ऋणों के संबंध में माल्या द्वारा प्रदान की गई व्यक्तिगत गारंटी से संबंधित था। इसके बाद बैंकों ने सितंबर, 2018 में माल्या के खिलाफ दिवाला अर्जी दायर की जिसका उन्होंने कई आधारों पर विरोध किया था।

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पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

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