IEC 2022: टाइम्स नेटवर्क के अहम कार्यक्रम 'इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2022' में नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट (NBFID) के चेयरपर्सन के.वी कामथ (KV Kamath) ने कई अहम मुद्दों पर अपने विचार रखे। उन्होंने ईटी नाउ स्वदेश के मैनेजिंग एडिटर निकुंज डालमिया के साथ 'The Great India Democratic Dividend' पर फायरसाइड चैट की। इस दौरान कामथ ने कहा कि, 'चीन की इकोनॉमिक का 30 फीसदी से 35 फीसदी डिजिटल है और भारत अगले 1 से 2 सालों में वहां पहुंच जाएगा।' अभी भारतीय इकोनॉमिक 3 ट्रिलियन डॉलर की है, और वह 5 ट्रिलियन डॉलर की ओर बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि, 'मैंने पिछले 50 सालों में इतनी साफ-सुथरी बैंकिंग व्यवस्था कभी नहीं देखी है।' अगले 10 सालों में 3 सेक्टर्स हैं, जो आगे लीड करेंगे। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल सेक्टर्स अग्रणी भूमिका निभाएंगे। अगर मार्केट कैप के मामले में शीर्ष 10 वैश्विक बैंकों में चीन के 4 से 5 बैंक हो सकते हैं, तो भारत के क्यों नहीं हो सकते है।' सभी प्राइवेट बैंक अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं। आज मुझे बैंकिंग सेक्टर पर गर्व है।
भारत की मैन्यूफैक्चरिंग क्षमता विश्व स्तर पर कॉम्पेटेटिव हो रही है। आने वाले समय में जीडीपी में डिजिटल और टेक का 30 से 35 फीसदी हिस्सा होगा। बैंकिंग में बड़ा अवसर हैं। आगे कन्सॉलिडेशन बढ़ेगा और हमें भारतीय बाजार की सर्विस के लिए एचडीएफसी ग्रुप के संयुक्त आकार जैसे 3 से 4 बैंकों की आवश्यकता होगी। मिड लेवल बैंकों को टेक्नोलॉजी को अपनाना होगा।
भारतीय बैंकिंग उद्योग द्वारा विकसित टेक स्टैक दुनिया भर में बेजोड़ हैं। बड़ी पूंजी तब आएगी जब हम अपने यहां बनाए गए उत्पादों को वैश्विक बाजार में ले जाएंगे। उदाहरण के लिए, UPI को वैश्विक बाजार में पहुंचाया जा सकता है। अर्थव्यवस्था में डिजिटल को ज्यादा तरजीह मिलेगी। दोहरे अंकों की वृद्धि संभव है।
कॉन्क्लेव में कई दिग्गजों ने की शिरकत
केवी कामथ से पहले इस कॉन्क्लेव में कई दिग्गजों ने शिरकत की। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर, भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक और चेयरमैन सुनील भारती मित्तल और वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने भी आर्थिक मोर्चे पर अर्थव्यवस्था की चुनौतियों और इसे आगे ले जाने वाली नीतियों पर चर्चा की।
