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Roti Rice Rate ,Crisil Report: शाकाहारी थाली 10 फीसदी महंगी,आलू-टमाटर-प्याज ने बढ़ाए दाम

Roti Rice Rate ,Crisil Report: शाकाहारी थाली महंगी होने का कारण टमाटर की कीमतों में 30 प्रतिशत, आलू में 59 प्रतिशत और प्याज में 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी को बताया गया है।

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शाकाहारी थाली हुई महंगी

Roti Rice Rate ,Crisil Report:प्याज, टमाटर और आलू की कीमतों में आई तेजी की वजह से शाकाहारी थाली की कीमत जून में औसतन 10 प्रतिशत तक बढ़ गई है। जबकि ब्रॉयलर मुर्गे की कीमत में गिरावट से मांसाहारी भोजन की लागत में कमी आई है। ऐसे में जून में शाकाहारी थाली की कीमत जून में 10 प्रतिशत बढ़कर 29.4 रुपये प्रति थाली हो गई, जो जून 2023 में 26.7 रुपये थी। जबकि मांसाहारी थाली की कीमत जून में घटकर 58 रुपये रह गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में इसकी कीमत 60.5 रुपये थी।

शाकाहारी थाली पर कैसे हुआ असर

क्रिसिल मार्केट इंटेलिजेंस एंड एनालिसिस की मासिक रिपोर्ट ‘रोटी राइस रेट’ के अनुसार, शाकाहारी थाली की कीमत जून में 10 प्रतिशत बढ़कर 29.4 रुपये प्रति थाली हो गई, जो जून 2023 में 26.7 रुपये थी। मई 2024 में यह 27.8 रुपये थी। शाकाहारी थाली में रोटी, सब्जियां (प्याज, टमाटर तथा आलू), चावल, दाल, दही और सलाद शामिल है। रिपोर्ट में शाकाहारी थाली की कीमत में कुल वृद्धि का कारण टमाटर की कीमतों में 30 प्रतिशत, आलू में 59 प्रतिशत और प्याज में 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी को बताया गया है।

प्याज के मामले में रबी की फसल के रकबे में भारी गिरावट से आवक कम रही, जबकि मार्च में बेमौसम बारिश के कारण आलू की पैदावार कम हुई। कर्नाटक तथा आंध्र प्रदेश के प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में उच्च तापमान के कारण ग्रीष्मकालीन फसल में संक्रमण होने से टमाटर की आवक पिछले साल की तुलना में 35 प्रतिशत कम हुई।रिपोर्ट में कहा गया, इसके अलावा रकबे में कमी के कारण चावल की कीमतों में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसके परिणामस्वरूप आवक कम रही। प्रमुख खरीफ महीनों में सूखे के कारण दालों की कीमतों में 22 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

मांसाहारी थाली क्यों हुई सस्ती

रिपोर्ट के अनुसार, ब्रॉयलर मुर्गे की कीमत में गिरावट से मांसाहारी भोजन की लागत में कमी आई है।पिछले वर्ष की तुलना में ब्रॉयलर मुर्गे की कीमत में करीब 14 प्रतिशत की कमी, अधिक आपूर्ति और चारे की कम लागत के कारण मांसाहारी थाली की लागत में कमी आई है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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